Trump Cuba Tariff: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को लेकर बड़ा और सख्त कदम उठाया है। उन्होंने क्यूबा से उत्पन्न खतरे को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के लिए “असामान्य और गंभीर” बताते हुए देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है। इसके साथ ही ट्रंप ने एक नई शुल्क (टैरिफ) व्यवस्था लागू करने का आदेश दिया है।
क्यूबा को लेकर राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा
व्हाइट हाउस में साइन किए गए कार्यकारी आदेश में ट्रंप ने कहा कि क्यूबा सरकार की नीतियां और गतिविधियां अमेरिका के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ हैं। मौजूदा कानूनों के तहत इस खतरे से निपटने के लिए आपात कदम उठाना जरूरी हो गया है। ट्रंप ने कहा कि राष्ट्रपति के रूप में देश की सुरक्षा और विदेश नीति की रक्षा करना उनका संवैधानिक कर्तव्य है और क्यूबा से जुड़ी स्थिति अमेरिका के लिए एक बड़ा खतरा बन चुकी है, जिसका स्रोत काफी हद तक अमेरिका के बाहर है।
Trump Cuba Tariff: तेल सप्लाई करने वाले देशों पर भी लगेगा टैरिफ
राष्ट्रीय आपातकाल के तहत लागू की गई नई टैरिफ व्यवस्था के अनुसार, यदि कोई विदेशी देश सीधे या परोक्ष रूप से क्यूबा को तेल की आपूर्ति करता है, तो उसके सामान पर अमेरिका में अतिरिक्त आयात शुल्क लगाया जा सकता है। आदेश में कहा गया है कि चाहे तेल किसी तीसरे देश या बिचौलिए के माध्यम से ही क्यों न भेजा जाए, ऐसे मामलों पर भी कार्रवाई की जा सकेगी।
रूस, चीन और ईरान से संबंधों पर आरोप
कार्यकारी आदेश में आरोप लगाया गया है कि क्यूबा अमेरिका के दुश्मन देशों और संगठनों का समर्थन करता है। इसमें रूस, चीन और ईरान के साथ-साथ हमास और हिज़्बुल्लाह जैसे संगठनों का नाम लिया गया है।ट्रंप ने दावा किया कि क्यूबा “खुलेआम अमेरिका के खतरनाक दुश्मनों को पनाह देता है” और उन्हें अपने क्षेत्र में अत्याधुनिक सैन्य व खुफिया क्षमताएं स्थापित करने की अनुमति देता है, जो सीधे अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं।
Trump Cuba Tariff: रूस का खुफिया केंद्र और चीन से बढ़ते सैन्य रिश्ते
ट्रंप ने यह भी कहा कि क्यूबा में रूस का सबसे बड़ा विदेशी खुफिया केंद्र संचालित हो रहा है। इसके अलावा चीन के साथ क्यूबा के सैन्य और रक्षा संबंधों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे अमेरिका की चिंता और बढ़ गई है।
आतंकी संगठनों को समर्थन देने का आरोप
आदेश में आरोप लगाया गया है कि क्यूबा हमास और हिज़्बुल्लाह जैसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों को पनाह देता है। इससे इन संगठनों को क्षेत्र में अपने आर्थिक, सांस्कृतिक और सुरक्षा नेटवर्क मजबूत करने का अवसर मिलता है, जो पूरे पश्चिमी गोलार्ध की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।
मानवाधिकार उल्लंघन पर भी कड़ी टिप्पणी
ट्रंप ने क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार पर अपने ही नागरिकों पर अत्याचार करने के गंभीर आरोप लगाए। आदेश में कहा गया है कि क्यूबा सरकार राजनीतिक विरोधियों को सताती है, अभिव्यक्ति और प्रेस की स्वतंत्रता पर रोक लगाती है और मानवाधिकारों का लगातार उल्लंघन करती है। इसमें राजनीतिक कैदियों के परिवारों के खिलाफ बदले की कार्रवाई, धार्मिक लोगों को परेशान करना, नागरिक समाज पर प्रतिबंध और ऑनलाइन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीमाएं लगाने जैसे आरोप भी शामिल हैं।
Trump Cuba Tariff: अमेरिका का सख्त संदेश
ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका कम्युनिस्ट क्यूबा सरकार की ज्यादतियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा।” उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने का संकल्प दोहराया और क्यूबा के लोगों की स्वतंत्र और लोकतांत्रिक समाज की आकांक्षाओं का समर्थन करने की बात कही।
कौन तय करेगा टैरिफ लागू होगा या नहीं
आदेश के मुताबिक, अमेरिकी वाणिज्य मंत्री विदेश मंत्री से सलाह लेकर यह तय करेंगे कि कौन-कौन से देश क्यूबा को तेल की आपूर्ति कर रहे हैं। इसके बाद विदेश मंत्री, ट्रेजरी, वाणिज्य, होमलैंड सिक्योरिटी और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के साथ मिलकर यह निर्णय लेंगे कि अतिरिक्त ड्यूटी लगाई जाए या नहीं और उसकी सीमा क्या होगी।
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