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खाकी पर फिर उठे सवाल? जालौन में क्या वाक्य नशे में थे पुलिसकर्मी? जानें क्या है इस मामले का सच…

JALAUN news

 UP News: उत्तर प्रदेश में मित्र पुलिस का दावा करने वाली डायल 112 एक बार फिर विवादों के घेरे में है। ताजा मामला जालौन जिले के कदौरा थाना क्षेत्र का है जहाँ दो भाइयों के बीच हो रहे झगड़े को सुलझाने पहुंची पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने न्याय करने के बजाय हैवानियत का रास्ता चुना। परिजनों का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने एक युवक को न केवल बेरहमी से पीटा बल्कि उसे सड़क पर घसीटते हुए गाड़ी में डाला। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब जानें क्या है मामला…

​घटना बुधवार देर शाम की है जब बबीना बस स्टैंड के पास रहने वाले महेश साहू के दो बेटों रविकांत और शशिकांत के बीच पुश्तैनी मकान के बंटवारे को लेकर बहस शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों भाइयों के बीच हाथापाई होने लगी। बताया जा रहा है कि बड़ा भाई रविकांत नशे की हालत में था। पिता महेश साहू ने मामले को शांत कराने और बेटों को समझाने के लिए पुलिस की मदद लेना उचित समझा और डायल 112 को फोन कर दिया। उन्हें उम्मीद थी कि वर्दी को देखकर बेटे शांत हो जाएंगे लेकिन जो हुआ उसकी कल्पना पिता ने भी नहीं की थी।

​ UP News: पीआरवी संख्या 5701 का खौफनाक चेहरा

​सूचना मिलने के कुछ ही देर बाद पीआरवी वाहन संख्या UP 32 BG 5701 मौके पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचते ही स्थिति को संभालने या समझाने की कोशिश नहीं की। इसके उलट उन्होंने नशे में धुत रविकांत पर लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि कैसे खाकी वर्दीधारी युवक को पकड़कर घसीट रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस उसे बेरहमी से पीटते हुए जबरन गाड़ी में ठूंस रही थी। इस दौरान जब घर वालों ने बीच-बचाव करना चाहा तो उनके साथ भी अभद्रता की गई। पुलिस युवक को लेकर जोल्हुपुर की तरफ जाने लगी लेकिन ग्रामीणों और परिजनों के कड़े विरोध के बाद उसे कदौरा थाने ले जाया गया।

​थाने में हुआ समझौता, पर जख्म अब भी गहरे

​हैरानी की बात यह है कि जिस विवाद के लिए पुलिस ने इतनी सख्ती दिखाई वह मामला स्थानीय थाने पहुंचने के बाद आपसी सहमति से सुलझ गया। कदौरा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों की बात सुनी और परिजनों के हस्तक्षेप के बाद दोनों भाइयों के बीच समझौता हो गया। लेकिन अब सवाल यह उठता है कि अगर मामला आपसी बातचीत से सुलझ सकता था तो डायल 112 के सिपाहियों को कानून हाथ में लेने और युवक को सरेआम घसीटने का अधिकार किसने दिया? ​इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति भारी आक्रोश है। परिजनों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कदौरा थाना प्रभारी प्रभात सिंह ने बयान जारी किया है। उन्होंने कहा मामला संज्ञान में है और वायरल वीडियो की बारीकी से जांच की जा रही है। परिजनों के आरोपों और वीडियो के साक्ष्यों के आधार पर तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। यदि पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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