Yogi Baba: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में परियोजनाओं की वित्तीय स्वीकृति प्रक्रिया को तेज, सरल और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर मिलने वाली वित्तीय स्वीकृति की सीमा को मौजूदा 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये किया जाए, ताकि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।
परियोजनाओं की मंजूरी के लिए नई सीमा तय
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 50 से 150 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को वित्त मंत्री स्तर से मंजूरी दी जाएगी, जबकि 150 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की स्वीकृति मुख्यमंत्री स्तर से होगी। इस व्यवस्था से परियोजनाओं को समय पर वित्तीय मंजूरी मिलेगी और कार्यों की गति बढ़ेगी।
Yogi Baba: 15 अप्रैल तक हर हाल में स्वीकृत हो वार्षिक कार्ययोजना
सीएम योगी ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपनी वार्षिक कार्ययोजना 15 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से स्वीकृत करा लें। समयसीमा का पालन न करने वाले विभागों की सूची मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी। साथ ही किसी परियोजना की लागत में 15 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होने पर कारण सहित पुनः अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।
वित्त विभाग की समीक्षा बैठक में दिए अहम निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को वित्त विभाग की विस्तृत समीक्षा कर रहे थे। बैठक में राज्य की राजकोषीय स्थिति, बजट प्रबंधन, पूंजीगत व्यय, निर्माण कार्यों, डिजिटल वित्तीय सुधारों, कोषागार प्रक्रियाओं, पेंशन व्यवस्था और विभागीय नवाचारों पर चर्चा हुई।
Yogi Baba: अल्प-वेतनभोगी कर्मियों को समय पर मानदेय
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आशा बहनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं जैसे अल्प-वेतनभोगी कर्मियों का मानदेय हर माह तय तारीख को उनके बैंक खातों में पहुंचे। जिन योजनाओं में केंद्रांश शामिल है, वहां राज्य सरकार अपने हिस्से से समय पर भुगतान सुनिश्चित करे।
पूंजीगत व्यय में देश में पहले स्थान पर यूपी
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023-24 में उत्तर प्रदेश का पूंजीगत व्यय 1,10,555 करोड़ रुपये रहा, जो देश में सर्वाधिक है। कुल व्यय का 9.39 प्रतिशत निवेश पर खर्च कर प्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा। राजकोषीय घाटा और ऋण/जीएसडीपी अनुपात एफआरबीएम मानकों के अनुरूप रहे।
Yogi Baba: डिजिटल वित्तीय सुधारों में बड़ा बदलाव
वित्त विभाग ने पिछले तीन वर्षों में ऑनलाइन बजट मॉड्यूल, वेंडर मैनेजमेंट सिस्टम, साइबर ट्रेजरी, पूरी तरह ऑनलाइन बिल प्रेषण और डिजिलॉकर पर जीपीएफ स्लिप जैसी कई डिजिटल पहलें लागू की हैं। साइबर ट्रेजरी के माध्यम से खातों का पूर्णत: पेपरलेस प्रेषण अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
निर्माण गुणवत्ता और अनुरक्षण पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि भवन, सड़क, सेतु और अन्य निर्माण परियोजनाओं का थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट आईआईटी, एनआईटी और सरकारी तकनीकी संस्थानों से कराया जाए। साथ ही नए शासकीय भवनों में 5 वर्ष का भुगतान-आधारित अनुरक्षण अनिवार्य किया जाए।
यूपी को आदर्श वित्तीय प्रबंधन वाला राज्य बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने वित्तीय अनुशासन और पूंजीगत व्यय में नया मानक स्थापित किया है। अब लक्ष्य खर्च की गुणवत्ता और डिजिटल पारदर्शिता को और मजबूत कर प्रदेश को देश का सबसे सक्षम और विश्वसनीय वित्तीय प्रशासन वाला राज्य बनाना है।
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