Saharanpur News: सहारनपुर पहुंची फायरब्रांड हिंदुत्ववादी नेता साध्वी प्राची ने मंच से तीखा भाषण देते हुए राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर जोरदार बयानबाज़ी की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हिंदू समाज को जागरूक और संगठित होने की अपील करते हुए कहा कि देश में मौजूदा हालात हिंदुओं की चुप्पी की वजह से बने हैं। अपने भाषण में साध्वी ने हाल ही में मुंबई से जुड़े एक राजनीतिक बयान का ज़िक्र करते हुए कहा कि 22 साल की एक युवती के निगम पार्षद बनने के बाद दिए गए बयान को लेकर हिंदू समाज को सतर्क रहने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि किसी एक चुनावी जीत के बाद पूरे देश पर प्रभाव जमाने की बात करना सही नहीं है।
ये 2012 का नहीं बल्कि 2026 का भारत है
मंच से बोलते हुए साध्वी ने कहा कि जो लोग हिंदुत्व और देश के लिए जीते-मरते हैं, अगर हम उनकी मदद नहीं करेंगे तो आने वाला समय खतरों से खाली नहीं होगा। उन्होंने स्वयं को हिंदुओं को जगाने आई बताते हुए कहा कि अगर अब भी समाज नहीं जागा तो भविष्य में पछताना पड़ सकता है। अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि यह 2012 का भारत नहीं बल्कि 2026 का भारत है और देश अब किसी को छेड़ता नहीं, लेकिन अगर कोई छेड़े तो छोड़ता भी नहीं। राम मंदिर आंदोलन का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हो पाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि अगर हिंदू समाज संगठित न होता तो आज देश और प्रदेश में यह नेतृत्व नहीं होता। उत्तर प्रदेश के 2017 से पहले के हालात का उल्लेख करते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उस दौर में राज्य के कई जिलों में लगातार आपराधिक घटनाएं होती थीं।
उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए जबरन धर्मांतरण और कथित रूप से गरीब समुदायों के साथ हुए अन्याय का भी ज़िक्र किया। भाषण के दौरान कुछ पूर्व नेताओं और प्रशासनिक फैसलों पर भी उन्होंने आरोप लगाए, हालांकि नाम सीधे तौर पर नहीं लिया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे, जिन्होंने भाषण के दौरान नारेबाज़ी भी की। वहीं इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज़ हो गई है और विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
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