Maghi Purnima 2026: तड़के सुबह से हर-हर गंगे के जयकारों से गूंजे घाट, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्टमाघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर धर्मनगरी वाराणसी में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। तड़के सुबह करीब चार बजे से ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी। हर-हर गंगे और जय मां गंगा के जयघोष से संपूर्ण काशी नगरी भक्तिमय वातावरण में डूब गई।
माघी पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
सनातन धर्म में माघी पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ मास में भगवान नारायण का वास जल में होता है और इस दिन गंगा स्नान करने से पूरे माघ महीने के स्नान का पुण्य फल प्राप्त होता है। इसी आस्था के चलते देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु वाराणसी पहुंचे और मां गंगा में पवित्र डुबकी लगाई।
Maghi Purnima 2026: देशभर से पहुंचे श्रद्धालु
गंगा स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं का कहना है कि जो लोग पूरे माघ मास में नियमित रूप से स्नान नहीं कर पाते, उन्हें माघी पूर्णिमा के दिन स्नान करने से संपूर्ण माघ स्नान का फल मिल जाता है। इसी वजह से इस दिन घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या अत्यधिक बढ़ जाती है।
दान-पुण्य और पूजा-अर्चना का सिलसिला
गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने घाटों पर पूजा-अर्चना की और जरूरतमंदों को दान-पुण्य किया। श्रद्धालुओं ने मां गंगा से अपने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और देश-दुनिया में शांति बनाए रखने की कामना की।
Maghi Purnima 2026: सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। सभी प्रमुख घाटों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।
प्रयागराज सहित अन्य तीर्थ स्थलों पर भी भीड़
माघी पूर्णिमा के अवसर पर प्रयागराज समेत अन्य गंगा तटवर्ती तीर्थ स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। हर जगह श्रद्धालु मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।
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