Bihar News: मधेपुरा में करीब 27 साल पुराने जमीन विवाद और जानलेवा हमले के मामले में न्यायालय ने बीते दिन सोमवार को अहम फैसला सुनाया। एडीजे-9 न्यायाधीश रघुवीर प्रसाद की अदालत ने सदर प्रखंड अंतर्गत मधुबन गांव के रहने वाले गणेश मंडल और राजकुमार मंडल को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को सात-सात वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5-5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जमीन विवाद में की थी हत्या
मामला 10 मई 1998 का है। भर्राही थाना क्षेत्र के भर्राही गांव निवासी जयनारायण साह ने अपनी जमीन पर जबरन कब्जा किए जाने का विरोध किया था। आरोप है कि इसी दौरान अभियुक्तों ने पूर्व नियोजित तरीके से हत्या की नीयत से जयनारायण साह पर जानलेवा हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर अधमरे हो गए थे। घटना के बाद पीड़ित जयनारायण साह ने भर्राही थाना में तीन नामजद अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामला दर्ज होने के बाद से यह केस न्यायिक प्रक्रिया में लंबित था।
Bihar News: 6 गवाहों के बयान से साबित हुआ अपराध
मामले की सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक जयनारायण पंडित ने अभियोजन पक्ष की ओर से कुल छह गवाहों का परीक्षण कराया। गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत के समक्ष यह स्पष्ट हुआ कि हमला सोची-समझी साजिश के तहत किया गया था और उसका उद्देश्य पीड़ित की हत्या करना था। दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद अदालत ने गणेश मंडल और राजकुमार मंडल को दोषी पाया।
जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त सजा
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि दोषी यदि निर्धारित 5 हजार रुपये का अर्थदंड जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। बताया गया कि दोनों दोषियों की उम्र वर्तमान में करीब 60 वर्ष है। आपको बता दें कि करीब तीन दशक बाद आए इस फैसले से पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है। अदालत का यह निर्णय यह संदेश देता है कि भले ही न्याय मिलने में समय लगे, लेकिन कानून के हाथ लंबे होते हैं और अपराधी अंततः सजा से नहीं बच सकते।
Report By: राजीव रंजन
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