Budget 2026: लोकसभा का बजट सत्र मंगलवार को उस वक्त पूरी तरह उथल-पुथल में बदल गया, जब सदन की कार्यवाही के दौरान चेयर को ‘यार’ कहकर संबोधित किए जाने पर उप सभापति कृष्णा प्रसाद टेनेटी भड़क उठे। यह टिप्पणी सुनते ही सदन में जबरदस्त शोर-शराबा शुरू हो गया, जिसके बाद कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी और आखिरकार 8 विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।
Budget 2026: यह संसद है, कोई सड़क नहीं उप सभापति की सख्त चेतावनी
दोपहर 3 बजे जैसे ही सदन दोबारा शुरू हुआ, उप सभापति टेनेटी ने अनुशासन पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा—अभी आपने क्या कहा? यह संसद है,लोकसभा है। चेयर को ‘यार’ कहकर संबोधित नहीं किया जा सकता।उनकी यह नाराज़गी राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर इशारा मानी जा रही है, जिससे विपक्ष और ज्यादा आक्रामक हो गया।
Budget 2026: राहुल गांधी के भाषण से भड़का विवाद
हंगामे की जड़ में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का वह बयान रहा, जिसमें उन्होंने पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब का हवाला देते हुए 2020 के गलवान संघर्ष के दौरान लिए गए राजनीतिक फैसलों पर सवाल खड़े किए।राहुल गांधी ने सदन में कहा कि उनके पास इस किताब से जुड़े तथ्य प्रमाणिक रूप से मौजूद हैं और उन्हें बोलने से रोका जा रहा है।जैसे ही उन्होंने बोलना शुरू किया, सत्तापक्ष के सांसदों ने लगातार टोकाटाकी की। करीब 14 मिनट तक सदन में शोर, नारेबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा।
पेपर फेंके गए, सदन स्थगित, 8 सांसद सस्पेंड
हालात उस समय और बिगड़ गए जब चेयर की ओर कागज़ उछाले गए। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने सख्त कार्रवाई की और
कांग्रेस के 7 सांसदों समेत कुल 8 सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया।निलंबित सांसदों में शामिल हैं—अमरिंदर सिंह राजा वडिंग,प्रशांत परोले,हिबी ईडन, गुरजीत औजला ,डीन कोरियोकोज, मणिकम टैगोर, किरण कुमार रेड्ड , माकपा सांसद एस. वेंकटेशन
सदन के बाहर सड़क पर उतरे राहुल-प्रियंका
सांसदों के निलंबन के बाद संसद परिसर के बाहर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद राजा बरार ने आरोप लगाया कि जैसे ही प्रधानमंत्री, चीन और डोकलाम का मुद्दा उठा, सत्तापक्ष ने जानबूझकर हंगामा किया और माइक बंद करवा दिया। बरार ने कहा— यह विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश है। सवाल पूछने की सजा हमें निलंबन देकर दी जा रही है।”
Budget 2026: अनपब्लिश्ड किताब बनी सियासी हथियार
हालांकि जनरल नरवणे की किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है, लेकिन दिसंबर 2023 में इसके कुछ अंश मीडिया में सामने आए थे। हाल ही में एक मैगजीन में छपे लेख ने इस मुद्दे को फिर हवा दे दी, जिसमें गलवान टकराव के दौरान राजनीतिक निर्णयों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।एक ओर विपक्ष इसे लोकतांत्रिक आवाज दबाने की कोशिश बता रहा है, तो दूसरी ओर सत्ता पक्ष इसे संसदीय मर्यादा का उल्लंघन करार दे रहा है। लेकिन इतना तय है कि ‘यार’ शब्द ने संसद को उस बिंदु पर ला खड़ा किया है, जहां सियासत गरम है और सत्र ठप।
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