SIR In UP: मुजफ्फरनगर के शाहपुर थाना क्षेत्र के किनोनी गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। प्राथमिक विद्यालय में तैनात 54 वर्षीय शिक्षामित्र अनुजवीर बालियान ने मानसिक तनाव के चलते स्कूल परिसर में ही आत्महत्या का प्रयास कर लिया। उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और फिलहाल मेरठ मेडिकल कॉलेज में उन्हें वेंटिलेटर पर रखकर उपचार किया जा रहा है। यह घटना सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) की जिम्मेदारियों से जुड़े दबाव को उजागर करती है जिसने एक साधारण परिवार को सदमे में डाल दिया।
अनुजवीर बालियान किनोनी गांव के निवासी हैं और पिछले कई वर्षों से उसी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के रूप में सेवा दे रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार, वे शांत स्वभाव के मेहनती और परिवार के प्रति समर्पित इंसान थे। करीब एक माह पहले SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के तहत उन्हें BLO की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई। इस भूमिका में वोटर लिस्ट अपडेट करने दस्तावेजों की जांच और ग्रामीणों से जुड़े कार्यों को पूरा करना पड़ता है। लेकिन परिजनों का दावा है कि इसी ड्यूटी ने उनके जीवन में तनाव का पहाड़ खड़ा कर दिया। परिवार में पत्नी दो बच्चे और बड़ा भाई-भाभी रहते हैं। घर में कोई पारिवारिक कलह या आर्थिक संकट नहीं था फिर भी अनुजवीर पिछले कुछ दिनों से चुपचाप और उदास रहने लगे थे।
जहर का किया सेवन
2 फरवरी को अनुजवीर सदर तहसील से कुछ काम निपटा कर लौटे। बिना किसी से कुछ बोले वे सीधे स्कूल पहुंचे और एक कक्षा का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। स्कूल स्टाफ को जब देर तक कोई हलचल नजर न आई तो संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत परिजनों को फोन किया। मौके पर पहुंचे परिवारजन और स्टाफ ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया जहां अनुजवीर अचेत पड़े मिले। उन्हें फौरन जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति गंभीर बताते हुए मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने जहर का सेवन किया था जिसका असर उनके शरीर पर गहरा पड़ चुका है।
घटना स्थल से पुलिस को एक पत्र बरामद हुआ जिसमें अनुजवीर ने कुछ लोगों पर दबाव बनाने गलत काम कराने और एक महत्वपूर्ण फॉर्म के गायब होने का जिक्र किया है। एसडीएम राहुल देव भट्ट ने बताया कि पत्र की सत्यता और लेखक की पुष्टि के लिए फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से छानबीन कर रही है जिसमें BLO ड्यूटी से जुड़े सभी पहलुओं पर नजर रखी जा रही है।
परिजनों ने पत्र को सार्वजनिक नहीं होने दिया लेकिन भाभी बेबी कुमारी ने खुलकर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि BLO ड्यूटी के दौरान ग्राम प्रधान और कुछ अन्य लोगों ने अनुजवीर पर अनुचित दबाव डाला। वोटर लिस्ट से जुड़े दस्तावेजों को लेकर उन्हें धमकाया गया बदनाम करने की कोशिश की गई। बेबी कुमारी ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा मेरा भाई निर्दोष था। उसे न्याय मिलना चाहिए।







