Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में सोमवार को उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब तालाब की जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। मामला खेजुरी थाना क्षेत्र के हथौज गांव का है, जहां देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई और पुलिस को हालात संभालने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
Uttar Pradesh: कोर्ट के आदेश पर पहुंची थी प्रशासनिक टीम
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई उच्च न्यायालय के निर्देश पर की जा रही थी। एसडीएम सिकंदरपुर, तहसीलदार, राजस्व विभाग और पुलिस बल की संयुक्त टीम दोपहर करीब ढाई बजे गांव पहुंची थी। जैसे ही तालाब के किनारे किए गए अवैध निर्माण को हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई, कुछ लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया।
Uttar Pradesh: भीड़ ने किया पथराव, पुलिस को करना पड़ा हल्का लाठीचार्ज
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ लोगों के उकसावे में आकर ग्रामीणों की भीड़ ने अचानक प्रशासनिक टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। हालात बिगड़ते देख पुलिस को आत्मरक्षा में आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा और हल्का लाठीचार्ज भी किया गया। इस झड़प में करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मी और राजस्व कर्मचारी घायल हो गए।अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे को हटाने के लिए विधिवत कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान अचानक हिंसा भड़क उठी। उन्होंने कहा कि स्थिति पर काबू पाने में काफी समय लगा, लेकिन अंततः प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का कार्य पूरा कर लिया।
Uttar Pradesh: ग्रामीणों ने लगाए प्रशासन पर आरोप
वहीं, गांव के निवासी श्रीराम चौधरी ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस जमीन को अवैध बताया जा रहा है, वह उनके परिवार के पास पीढ़ियों से रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में कई दबंग लोग ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा किए हुए हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।ग्रामीणों का यह भी कहना है कि हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पहले विस्थापन की व्यवस्था होनी चाहिए थी, लेकिन बिना किसी वैकल्पिक इंतजाम के ही कार्रवाई कर दी गई।
मामला दर्ज, आगे की कार्रवाई जारी
स्थानीय पुलिस ने इस मामले में राजस्व लेखपाल की शिकायत पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, तालाब की जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया है और मामले की जांच जारी है।
ये भी पढ़े: महाशिवरात्रि कांवड़ यात्रा को लेकर अमरोहा में पुलिस प्रशासन ने उठाया ये बड़ा कदम…







