Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल मची है। कैराना की समाजवादी पार्टी सांसद इकरा हसन को लेकर गौरी शंकर गौशाला से जुड़े स्वामी राम विशाल दास का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। यह विवादित बयान न केवल राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लोगों के बीच गर्मागर्म बहस का कारण बन गया है।
Uttar Pradesh: कंडेला गांव में सभा और वायरल वीडियो
घटना 31 जनवरी की है, जब स्वामी राम विशाल दास महाराज शामली के कंडेला गांव में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने इकरा हसन पर विवादित टिप्पणियाँ कीं। उनका कहना था कि जब सांसद चुनाव के दौरान गुर्जर समुदाय के बीच वोट मांगने पहुंचती थीं और खुद को “गुर्जर समाज की बेटी” बताती थीं, तो यह केवल वोट पाने की राजनीति थी।महाराज ने अपने भाषण में सीधे तौर पर कहा कि यदि इकरा हसन वास्तव में गुर्जर समाज की बेटी हैं, तो उन्हें कंडेला के किसी गुर्जर युवक से विवाह कर लेना चाहिए। उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या केवल वोट तक सीमित रहने वाला भाईचारा रिश्तेदारी और वास्तविक जीवन में भी दिखाई देगा या नहीं।वीडियो की लंबाई लगभग 51 सेकंड है और इसके वायरल होते ही सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर बहस छिड़ गई। वीडियो में महाराज के तीखे अंदाज़ और कठोर शब्द सुनते ही लोग अपनी प्रतिक्रिया देने लगे, जिससे यह क्लिप इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गई।
Uttar Pradesh: तीन तलाक और हलाला पर टिप्पणी ने बढ़ाई विवाद की आग
स्वामी राम विशाल दास ने यह तक कहा कि अगर इकरा हसन किसी गुर्जर युवक से शादी कर लें, तो वे कथित तीन तलाक और हलाला के संकट से बच सकती हैं। इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस को जन्म दिया है। कई लोगों ने इसे सांसद के व्यक्तिगत जीवन में अनुचित दखल बताया, जबकि कुछ इसे राजनीतिक व्यंग्य के रूप में देख रहे हैं।सोशल मीडिया पर वायरल इस क्लिप ने लोग दो हिस्सों में बांट दिए हैं। एक वर्ग इसे व्यक्तिगत टिप्पणी मानकर आलोचना कर रहा है, जबकि दूसरा वर्ग इसे राजनीतिक संदेश मान रहा है, जो गुर्जर वोट बैंक और चुनावी रणनीतियों पर सवाल उठाता है।
इकरा हसन की राजनीति पर नया विवाद
इकरा हसन लगातार विवादों में रही हैं। पिछले कुछ समय से सांसद हिंदू संगठनों और स्थानीय नेताओं के निशाने पर रही हैं। उनके खिलाफ चुनावी सभाओं और विभिन्न कार्यक्रमों में आलोचनाएँ होती रही हैं। स्वामी राम विशाल दास का यह बयान इस श्रृंखला में एक नया मोड़ जोड़ता दिखाई दे रहा है।विशेषज्ञों का कहना है कि यह बयान न केवल सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का कारण बनेगा, बल्कि आगामी चुनावी रणनीतियों पर भी असर डाल सकता है। गुर्जर समुदाय के बीच इसका प्रत्यक्ष राजनीतिक प्रभाव देखने को मिल सकता है, खासकर जब आगामी चुनावों में हर वोट की अहमियत बढ़ जाती है।
Uttar Pradesh: सोशल मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होते ही ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोगों ने जमकर प्रतिक्रियाएँ दीं। कुछ लोग इसे सांसद के प्रति अनुचित और अपमानजनक टिप्पणी मान रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक व्यंग्य और वोट बैंक की सच्चाई उजागर करने वाला बयान बता रहे हैं। फिलहाल, सांसद इकरा हसन की तरफ से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन यह विवाद राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बन गया है।उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस तरह के विवाद अक्सर चुनावों के समीकरण बदल सकते हैं, और इकरा हसन का यह मामला भी शायद इसी श्रेणी में आएगा। इस बयान के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि सांसद अपनी राजनीतिक छवि को कैसे संभालती हैं और क्या यह बयान उनके समर्थकों और विरोधियों दोनों के बीच बहस को और गहरा करेगा।
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