Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया बयानों और संसद में उनके व्यवहार को लेकर भाजपा नेताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी के बयान न केवल संसद की मर्यादा के खिलाफ हैं, बल्कि इससे देश की छवि को भी नुकसान पहुंचता है। पार्टी नेताओं ने विपक्ष की भूमिका और संसद की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।
प्रतुल शाह देव का तीखा बयान
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें “ढीली तोप” करार दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के बयान देश के भीतर ही ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। प्रतुल शाह देव ने आरोप लगाया कि ऐसा प्रतीत होता है मानो राहुल गांधी ने देश के खिलाफ बोलने का ठेका ले रखा हो। उन्होंने कहा कि जब लोकसभा अध्यक्ष नियमों के तहत किसी विषय पर चर्चा की अनुमति नहीं देते, तो सभी सदस्यों को उन नियमों का सम्मान करना चाहिए। संसद की गरिमा बनाए रखना हर सांसद की जिम्मेदारी है।
Rahul Gandhi: बोलने के समय और जिम्मेदारी पर सवाल
बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और उन्हें अपनी पार्टी के सांसदों को मिले समय का सही प्रबंधन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सदन में बोलने का समय सदस्यों की संख्या के आधार पर तय होता है। यदि कांग्रेस को ज्यादा समय चाहिए, तो उसके प्रत्येक सांसद को अलग-अलग बोलना चाहिए। सरावगी ने यह भी दावा किया कि जिन राज्यों में चुनाव हो रहे हैं, वहां कांग्रेस को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है।
संसद की मर्यादा पर जोर
बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि राहुल गांधी को समझना चाहिए कि लोकसभा संविधान और नियमों के अनुसार चलती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन के कुछ सांसद सदन की गरिमा को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा नेताओं ने दोहराया कि संसद में नियमों और परंपराओं का पालन सर्वोपरि है, जबकि विपक्ष इसे आवाज दबाने की कार्रवाई बता रहा है।







