Delhi Bike Accident: देश की राजधानी दिल्ली की सड़कें अब सिर्फ जाम का नहीं, बल्कि जानलेवा हादसों का कारण बनती जा रही हैं। गड्ढों से भरी सड़कों का खामियाजा सबसे ज्यादा बाइक सवारों को भुगतना पड़ रहा है। ताजा मामला पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके का है, जहां दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए एक गहरे गड्ढे में गिरने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने एक बार फिर दिल्ली सरकार और संबंधित विभागों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ऑफिस से घर लौट रहा था युवक
जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान पालम इलाके के रहने वाले कमल के रूप में हुई है, जो गुरुवार देर रात अपने ऑफिस से घर लौट रहा था। जनकपुरी इलाके में सड़क पर खुले छोड़े गए गहरे गड्ढे में उसकी बाइक गिर गई। बताया जा रहा है कि कमल पूरी रात उसी गड्ढे में गंभीर हालत में फंसा रहा और समय पर मदद न मिलने के कारण उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि इतना बड़ा गड्ढा लंबे समय से खुला पड़ा था, लेकिन न तो उसे भरा गया और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया।
घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन से शिकायत की थी, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। सवाल यह है कि जब गड्ढा पहले से मौजूद था, तो हादसे से पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या किसी की जान जाने के बाद ही सरकार और विभागों की नींद टूटती है? मामले पर दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने जांच के आदेश जरूर दिए हैं और कमेटी गठित करने की बात कही है, लेकिन यह सवाल बना हुआ है कि क्या यह जांच भी सिर्फ कागजी कार्रवाई बनकर रह जाएगी? ठेकेदार और अधिकारियों पर कार्रवाई की बात पहले भी कई मामलों में कही जा चुकी है, लेकिन जमीनी हालात जस के तस बने हुए हैं।
Delhi Bike Accident: घटना को लेकर सियासत तेज
इस घटना को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि नोएडा जैसे हादसों से भी सरकार ने कोई सबक नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ बयानबाजी में लगी है, जबकि सड़कों पर लोग मर रहे हैं।
Shocking !!!
सड़क में गहरे गड्ढे में एक मासूम बाइक सवार गिर कर फँस गया, रात भर पड़ा रहा और मर गया
नोएडा की घटना से दिल्ली की भाजपा सरकार ने कुछ नहीं सीखा। बस रोज़ झूठ बोला जाता है।
जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर, दिल्ली pic.twitter.com/4WJr1tLdiI
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) February 6, 2026
युवराज मेहता की मौत
गौरतलब है कि हाल ही में दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर-150 में भी एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हुई थी, जहां प्रशासन की लापरवाही खुलकर सामने आई थी। उस मामले में यूपी सरकार को सख्त कदम उठाने पड़े, लेकिन दिल्ली में सवाल यह है कि क्या यहां भी जिम्मेदार अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई होगी या फिर एक और मौत फाइलों में दबकर रह जाएगी? आपको बता दें कि जनकपुरी हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी का आईना है। अब देखना यह है कि दिल्ली सरकार इस मौत से कोई सबक लेती है या फिर अगला गड्ढा किसी और की जान लेगा।
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