Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी जनपद में सरकारी तंत्र के भीतर लापरवाही और लेटलतीफी के खिलाफ विकास भवन से एक बड़ी खबर सामने आई है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिषेक कुमार ने कर्मचारियों के हितों की अनदेखी करने वाले एक बाबू पर कड़ा प्रहार करते हुए उसे निलंबित कर दिया है। सफाई कर्मियों के वेतन और अन्य देयताओं के भुगतान में अनावश्यक देरी को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए स्थापना लिपिक मनोज कुमार शुक्ला को निलंबन का रास्ता दिखाया गया है। सीडीओ की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ से विकास भवन के अन्य पटल सहायकों और बाबुओं में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, जनपद के विभिन्न ब्लॉकों में तैनात सफाई कर्मियों के वेतन, एरियर और अन्य भत्तों का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ था। कर्मचारी बार-बार कार्यालय के चक्कर काट रहे थे, लेकिन स्थापना पटल पर तैनात लिपिक मनोज कुमार शुक्ला द्वारा पत्रावलियों को आगे बढ़ाने में अनुचित देरी की जा रही थी। मामला जब सीडीओ अभिषेक कुमार के संज्ञान में आया, तो उन्होंने इसकी गोपनीय जांच कराई। जांच में पाया गया कि फाइलों को बिना किसी ठोस कारण के रोक कर रखा गया था, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा था।
Lakhimpur Kheri: मेहनतकशों का पैसा रोकना अपराध
कार्रवाई के बाद सीडीओ अभिषेक कुमार ने दो-टूक शब्दों में कहा कि “कर्मचारियों की मेहनत की कमाई को बेवजह रोकना अपराध के बराबर है।” उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार की प्राथमिकता पात्रों और कर्मचारियों को उनका हक समय पर दिलाना है। सीडीओ ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी विभाग या पटल पर देयताओं के भुगतान में ढिलाई पाई गई, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ इससे भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि अक्सर बाबू स्तर पर फाइलों को जानबूझकर इसलिए रोका जाता है ताकि ‘सुविधा शुल्क’ का दबाव बनाया जा सके। सीडीओ की इस सीधी कार्रवाई ने ऐसे तत्वों को स्पष्ट संकेत दे दिया है कि लखीमपुर खीरी प्रशासन अब जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। निलंबन की इस कार्रवाई को विकास भवन के भीतर भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।
सफाई कर्मियों में खुशी की लहर
लिपिक के निलंबन की खबर सुनते ही सफाई कर्मचारी संघ और अन्य संवर्ग के कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है। कर्मचारियों का कहना है कि वे दिन-रात फील्ड में मेहनत करते हैं, लेकिन कुछ बाबू अपने दफ्तरों में बैठकर उनकी फाइलों पर कुंडली मारकर बैठ जाते हैं। अभिषेक कुमार जैसे सख्त अधिकारियों की मौजूदगी से व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है। इस कार्रवाई के बाद विकास भवन के अन्य विभागों में भी खलबली मची हुई है। कई पटल सहायक जो अपनी मेजों पर फाइलों का अंबार लगाकर बैठे थे, वे अब आनन-फानन में लंबित कार्यों को निपटाने में जुट गए हैं। सीडीओ ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने अनुभागों में लंबित भुगतानों की सूची उपलब्ध कराएं और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी कर्मचारी का वेतन बिना वैध कारण के न रुके।
Report BY: संजय कुमार
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