U19 World Cup Final: क्रिकेट जगत को एक नया सितारा मिल गया है। अंडर-19 विश्व कप के हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में भारतीय ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी से हरारे स्पोर्ट्स क्लब में इंग्लैंड के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। वैभव ने अपनी विस्फोटक पारी के दौरान मात्र 80 गेंदों का सामना किया और 175 रनों की विशाल पारी खेल डाली। उनकी इस पारी ने भारत को खिताबी जीत की दहलीज पर खड़ा कर दिया है।
U19 World Cup Final: दुनिया के दूसरे सबसे तेज शतकवीर बने वैभव
वैभव सूर्यवंशी ने इस मुकाबले में अपना शतक केवल 55 गेंदों में पूरा किया। इसके साथ ही वह अंडर-19 विश्व कप के इतिहास में सबसे तेज शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने पाकिस्तान के कासिम अकरम का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 2022 में 63 गेंदों में सेंचुरी बनाई थी। फिलहाल विश्व रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के विल मलाजचुक के नाम है, जिन्होंने इसी साल जापान के खिलाफ 51 गेंदों में शतक जड़ा था।
What an innings from Vaibhav Sooryavanshi 👏
A dominant knock of 175 off 80 in a World Cup final is truly extraordinary with pure intent, power and timing all day 🇮🇳🔥 pic.twitter.com/JhbOeDRA2z
— Shikhar Dhawan (@SDhawan25) February 6, 2026
U19 World Cup Final: राज अंगद बावा का रिकॉर्ड हुआ ध्वस्त
भारतीय रिकॉर्ड्स की बात करें तो वैभव अब अंडर-19 वर्ल्ड कप में सबसे तेज शतक लगाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने राज अंगद बावा के 69 गेंदों वाले पुराने रिकॉर्ड को खत्म कर दिया। इसके साथ ही वैभव अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में शतक बनाने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज भी बन गए हैं। उनकी इस पारी में छक्कों की बरसात देखने को मिली। उन्होंने एक पारी में 15 छक्के लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
मैदान के चारों तरफ रनों की बारिश
बिहार के इस युवा बल्लेबाज ने स्कॉटलैंड के बेन मेयस के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए अंडर-19 क्रिकेट की सबसे तेज 150 रनों की पारी भी खेली। वैभव ने कप्तान आयुष म्हात्रे के साथ दूसरे विकेट के लिए 142 रनों की अहम साझेदारी की, जिसने टीम की जीत की नींव रखी। फिलहाल वैभव इस टूर्नामेंट में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं, जिनका स्ट्राइक रेट 147 के पार रहा है।
संघर्ष और परिवार का अटूट साथ
समस्तीपुर के एक साधारण परिवार से आने वाले वैभव अभी 9वीं कक्षा के छात्र हैं, लेकिन उनकी उपलब्धियां किसी दिग्गज से कम नहीं हैं। वैभव की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का बड़ा त्याग है। उनकी मां जहां उनकी डाइट और प्रैक्टिस का ख्याल रखती थीं, वहीं पिता ने बेटे के सपने के लिए अपना काम तक छोड़ दिया था। वैभव ने मात्र 5 साल की उम्र से समस्तीपुर के पटेल मैदान में क्रिकेट खेलना शुरू किया था और आज अपनी मेहनत के दम पर विश्व स्तर पर चमक रहे हैं।
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