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लखीमपुर में SIR प्रक्रिया में बड़े घोटाले का खुलासा, सभासद अनिरुद्ध त्रिपाठी और मनीष तिवारी ने साक्ष्यों के साथ घेरा

SIR In UP

SIR In UP: लखीमपुर खीरी जनपद में विकास के नाम पर लाई गई SIR (स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन) प्रक्रिया अब विवादों के घेरे में आ गई है। शुक्रवार को मिश्राना मोहल्ले में सभासद अनिरुद्ध त्रिपाठी के आवास पर आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान इस पूरी प्रक्रिया में जमीनी स्तर पर हो रही भारी अनियमितताओं का कच्चा चिट्ठा खोला गया। युवा नेता मनीष तिवारी और सभासद अनिरुद्ध त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से मीडिया के सामने चौंकाने वाले साक्ष्य प्रस्तुत किए और शासन-प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

साक्ष्यों के साथ ‘अंधेरगर्दी’ का पर्दाफाश

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मनीष तिवारी ने कहा कि SIR प्रक्रिया के तहत जमीनों के चिन्हांकन और अधिग्रहण की जो योजना बनाई गई है, उसमें नियमों को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि धरातल पर जो सर्वे किया गया है, उसमें और कागजी रिकॉर्ड में भारी अंतर है। कतिपय भू-माफियाओं और अधिकारियों की मिलीभगत से उपजाऊ कृषि भूमि और किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने मीडिया को वे दस्तावेज भी दिखाए जिनमें चिन्हांकन की प्रक्रिया में स्पष्ट खामियां नजर आ रही हैं।

SIR In UP: सभासद अनिरुद्ध त्रिपाठी ने उठाए गंभीर सवाल

मिश्राना के सभासद अनिरुद्ध त्रिपाठी ने स्थानीय जनता और किसानों का पक्ष रखते हुए कहा कि विकास का हम स्वागत करते हैं, लेकिन विकास की आड़ में ‘विनाश’ और ‘भ्रष्टाचार’ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता का पूर्ण अभाव है। जमीनी स्तर पर सर्वे करने वाली टीमों ने न तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया और न ही प्रभावित होने वाले किसानों को सही जानकारी दी। त्रिपाठी ने सवाल उठाया कि आखिर किस आधार पर कुछ चुनिंदा क्षेत्रों को लाभ पहुँचाने और दूसरों को प्रताड़ित करने के लिए नक्शे में फेरबदल किया गया?

प्रेस वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने एक स्वर में मांग की कि वर्तमान SIR प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए और एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की जाए जो निष्पक्षता से जमीनी हकीकत की जांच करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई और किसानों के हितों की रक्षा नहीं की गई, तो वे जनता के साथ मिलकर सड़कों पर उतरने और उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

क्या है SIR प्रक्रिया का विवाद?

गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष निवेश क्षेत्र (SIR) प्रस्तावित है। लेकिन शुरुआत से ही इसके सर्वे और भूमि प्रबंधन को लेकर सवाल उठते रहे हैं। आज की प्रेस वार्ता ने इस आग में घी डालने का काम किया है। पत्रकारों से बात करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह करोड़ों के वारे-न्यारे का खेल है, जिसमें कुछ रसूखदार लोग किसानों की बेशकीमती जमीनें औने-पौने दाम पर हड़पने की फिराक में हैं। इस गंभीर खुलासे के बाद अभी तक जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है। हालांकि, कलेक्ट्रेट और तहसील गलियारों में इस पत्रकार वार्ता की चर्चा आम है। आम जनता और किसान अब अपनी जमीनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। सभासद अनिरुद्ध त्रिपाठी के आवास पर हुई इस वार्ता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा जनपद की राजनीति में एक बड़ा उबाल लाने वाला है।

Report BY: संजय कुमार

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