Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी जनपद का मैगलगंज टोल प्लाजा एक बार फिर विवादों और अपनी कथित दबंगई के कारण चर्चा में है। यहाँ तैनात टोल कर्मियों ने मानवता और कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए एक नेक दिल युवक के साथ वहशीपन की सारी हदें पार कर दीं। सड़क हादसे में घायल लोगों की जान बचाने और मदद के लिए आगे आए मेराज नामक युवक को टोल कर्मियों ने लोहे की रॉड से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। यह घटना न केवल शर्मनाक है, बल्कि उन लोगों के हौसले तोड़ने वाली है जो दूसरों की मदद के लिए आगे आते हैं।
मदद का सिला मिला ‘लोहे की रॉड’ से
जानकारी के अनुसार, मैगलगंज टोल प्लाजा के पास एक सड़क हादसा हुआ था। चीख-पुकार सुनकर पास के ही रहने वाले मेराज नामक युवक ने मानवता का परिचय दिया और घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने और उन्हें प्राथमिक उपचार दिलाने में जुट गया। लेकिन इसी दौरान, वहां मौजूद टोल कर्मियों को न जाने क्या नागवार गुजरा कि उन्होंने मेराज पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि बिना किसी उकसावे के, टोल कर्मियों ने मेराज को चारों तरफ से घेर लिया और लोहे की भारी रॉड से उसके सिर और बदन पर वार करने लगे। लोहे की रॉड से किए गए हमले में मेराज बुरी तरह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। वहां मौजूद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने जब इस बर्बरता को रोकने की कोशिश की, तो टोल कर्मियों ने उन्हें भी डराया-धमकाया और वहां से भाग जाने को कहा। पूरी घटना के दौरान टोल प्लाजा पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। घायल मेराज को तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
Lakhimpur Kheri: विवादों का पुराना इतिहास
यह कोई पहली बार नहीं है जब मैगलगंज टोल प्लाजा पर मारपीट हुई हो। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहाँ तैनात कर्मी खुद को कानून से ऊपर समझते हैं। पूर्व में भी यात्रियों के साथ बदसलूकी, मामूली बात पर गाली-गलौज और मारपीट की दर्जनों घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लेकिन हर बार प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण इन ‘वर्दीधारी गुंडों’ के हौसले सातवें आसमान पर हैं। सवाल यह है कि आखिर पुलिस प्रशासन इन पर शिकंजा कसने में नाकाम क्यों रहता है?
संजय कुमार राठौर की यह विशेष रिपोर्ट प्रशासन से कुछ कड़े सवाल पूछती है कि कानून का डर क्यों नहीं? क्या नेशनल हाईवे पर स्थित टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों को लोहे की रॉड रखने और लोगों को पीटने का लाइसेंस मिला हुआ है?
सीसीटीवी की जांच कब? क्या पुलिस इस घटना के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर हमलावरों की पहचान कर उन्हें जेल भेजेगी? सुरक्षा की गारंटी क्या? यदि मानवता के नाते मदद करने वाले युवाओं के साथ ऐसा व्यवहार होगा, तो भविष्य में कौन सड़क हादसों में लोगों की जान बचाने आगे आएगा?
दोषियों को हो जेल
पीड़ित मेराज के परिजनों ने थाने में तहरीर देकर दोषी टोल कर्मियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक इन दबंग कर्मियों पर एनएसए (NSA) जैसी कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक इनका आतंक खत्म नहीं होगा। स्थानीय व्यापार मंडल और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
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