Premanand Maharaj: धर्म, साधना और त्याग की भूमि वृंदावन में गुरुवार सुबह ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी को चौंका दिया। आमतौर पर साधना, प्रवचन और आध्यात्मिक जीवन के लिए पहचाने जाने वाले संत प्रेमानंद महाराज इस बार किसी प्रवचन मंच पर नहीं, बल्कि खुद स्कूटी चलाते हुए नजर आए। यह दृश्य इतना असामान्य था कि देखते ही देखते सड़क पर मौजूद लोगों की भीड़ ठहर गई और सोशल मीडिया पर वीडियो आग की तरह फैल गया।लोगों ने कहा संत को इस तरह स्कूटी चलाते देखना आम बात नहीं है।यही वजह रही कि यह वीडियो कुछ ही घंटों में वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर बहस और चर्चा का विषय बन गया।
Premanand Maharaj: केलिकुंज आश्रम से यमुना तट तक का सफर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संत प्रेमानंद महाराज रोज़ की तरह साधना के लिए केलिकुंज आश्रम से यमुना तट की ओर निकले थे। आमतौर पर वे अपनी फॉर्च्यूनर कार से जाते हैं, जिसमें उनके सेवक साथ रहते हैं। लेकिन गुरुवार सुबह रास्ते में उन्होंने अचानक कार रुकवाई और नीचे उतर आए।
कुछ पल के लिए सेवक और आसपास मौजूद लोग समझ ही नहीं पाए कि आगे क्या होने वाला है। तभी महाराज ने कार के साथ चल रहे एक सेवक की ओर इशारा किया और उसकी स्कूटी मांगी।
Premanand Maharaj: महाराज खुद स्कूटी चलाएंगे? सेवक भी रह गए हैरान
जब संत प्रेमानंद महाराज ने स्कूटी मांगी, तो वहां मौजूद सेवक और श्रद्धालु चकित रह गए। सेवक ने मुस्कुराते हुए स्कूटी महाराज को सौंप दी। इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे इलाके को हैरानी में डाल दिया।पीले वस्त्रों में, माथे पर तिलक लगाए संत प्रेमानंद महाराज खुद स्कूटी पर सवार हुए और आगे बढ़ गए। उनके पीछे-पीछे सेवक पैदल दौड़ते रहे और कई भक्त ‘राधे-राधे’ के जयकारे लगाते रहे।
रेतिले रास्ते पर करीब 500 मीटर स्कूटी चलाई
बताया जा रहा है कि महाराज ने रेतिले इलाके में करीब 500 मीटर तक स्कूटी चलाई और यमुना किनारे तक पहुंचे। इस दौरान सड़क के दोनों ओर खड़े लोग इस दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने लगे।हालांकि सेवकों ने कई बार लोगों से वीडियो बनाने से मना किया, लेकिन भीड़ इतनी उत्साहित थी कि कोई रुक नहीं पाया। कुछ भक्त तो भावुक होकर महाराज के पीछे-पीछे दौड़ते नजर आए।
Premanand Maharaj: सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही तेजी से वायरल हो गया। फेसबुक, व्हाट्सऐप और एक्स (ट्विटर) पर हजारों यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया दी।एक यूजर ने लिखा—एक संत का इस तरह स्कूटी चलाना आम दृश्य नहीं है, लेकिन यही सादगी उन्हें खास बनाती है।दूसरे यूजर ने कहा—आज के समय में जहां संत भी वीआईपी कल्चर में रहते हैं, वहां प्रेमानंद महाराज का यह रूप दिल छू गया।वहीं कुछ लोगों ने इसे बेहद रोचक और भावनात्मक अनुभव बताया। किसी ने लिखा संत को स्कूटी चलाते देखना अपने आप में आध्यात्मिक आनंद है।
सेवकों ने किया वीडियो बनाने से इनकार, फिर भी नहीं रुकी भीड़
घटना के दौरान सेवकों ने बार-बार लोगों से वीडियो न बनाने की अपील की। उनका कहना था कि यह महाराज की निजी साधना का समय है और इसे तमाशा न बनाया जाए। इसके बावजूद कई लोग वीडियो बनाते रहे, जो बाद में वायरल हो गया।बताया जा रहा है कि मामला गुरुवार सुबह का है और दोपहर होते-होते वीडियो हजारों लोगों तक पहुंच चुका था।संत प्रेमानंद महाराज को वृंदावन में उनकी सादगी, अनुशासन और कठोर साधना के लिए जाना जाता है। वे अक्सर कहते हैं कि संत का जीवन दिखावे से नहीं, बल्कि आचरण से पहचाना जाना चाहिए।इस घटना के बाद उनके समर्थकों का कहना है कि स्कूटी चलाना कोई बड़ा मुद्दा नहीं, बल्कि यह दर्शाता है कि महाराज खुद को आम लोगों से अलग नहीं मानते।घटना के बाद कई भक्तों ने कहा कि यही असली संतत्व है—जहां कोई अहंकार नहीं, कोई दिखावा नहीं। एक भक्त ने बताया,हमने पहली बार किसी बड़े संत को इस तरह आम आदमी की तरह स्कूटी चलाते देखा। यह दृश्य हमेशा याद रहेगा।”
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