Gold Silver Prices: सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखा गया। इसकी बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर का कमजोर होना और दुनिया भर में चल रहा भू-राजनीतिक तनाव रहा। एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1.31 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,57,484 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी 4.81 प्रतिशत उछलकर 2,61,900 रुपए प्रति किलो हो गई।
कमजोर डॉलर से बढ़ी मांग
कारोबार की शुरुआत में चांदी में और ज्यादा तेजी दिखी। एमसीएक्स पर इसकी कीमत करीब 6 प्रतिशत बढ़कर 2,64,885 रुपए प्रति किलो के उच्च स्तर तक पहुंच गई थी। बाद में मुनाफावसूली के कारण दामों में हल्की नरमी आई। इस तेजी के पीछे एक अहम कारण अमेरिकी डॉलर का कमजोर होना है। डॉलर 4 फरवरी के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है। डॉलर कमजोर होने से सोना और चांदी जैसी धातुएं विदेशी खरीदारों के लिए सस्ती हो जाती हैं, जिससे मांग बढ़ती है।

Gold Silver Prices: वैश्विक तनाव ने बढ़ाया आकर्षण
भू-राजनीतिक मोर्चे पर भी हालात पूरी तरह शांत नहीं हैं। भले ही ईरान के शीर्ष राजनयिक ने अमेरिका-ईरान परमाणु बातचीत को अच्छी शुरुआत बताया हो, लेकिन ईरान ने साफ कर दिया है कि वह यूरेनियम संवर्धन का अधिकार नहीं छोड़ेगा। इससे वैश्विक तनाव बने रहने की आशंका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तनाव लंबे समय तक रह सकता है। ऐसे माहौल में निवेशक आमतौर पर सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे सोने और चांदी की मांग बढ़ती रहती है।
इसके अलावा, अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने भी बाजार को सहारा दिया है। सैन फ्रांसिस्को फेड की अध्यक्ष मैरी डैली ने श्रम बाजार की कमजोरी को देखते हुए एक या दो बार और ब्याज दर घटाने की बात कही है। इससे भी सोने-चांदी की कीमतों को मजबूती मिली है।

कीमतों के अहम तकनीकी स्तर
तकनीकी स्तरों की बात करें तो सोने को 1,54,000 और 1,51,800 रुपए पर सहारा मिल सकता है, जबकि 1,57,700 और 1,60,000 रुपए पर रुकावट देखने को मिल सकती है।
चांदी के लिए 2,36,600 और 2,44,000 रुपए सपोर्ट स्तर माने जा रहे हैं, जबकि 2,55,500 और 2,62,600 रुपए पर रेजिस्टेंस रह सकता है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, चांदी की कीमत 60,000 रुपए से बढ़कर 3,20,000 रुपए तक पहुंच चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि ऊंचे स्तरों पर कीमतें कुछ समय तक स्थिर रह सकती हैं या निवेशक मुनाफा वसूली कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी को आपूर्ति की कमी और लगातार औद्योगिक मांग का मजबूत सहारा मिल रहा है। वहीं सोने और चांदी दोनों को सुरक्षित निवेश की लगातार मांग, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और वैश्विक स्तर पर नरम मौद्रिक नीतियों की उम्मीदें मजबूती प्रदान कर रही हैं।
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