Lakhimpur Kheri: कहते हैं कि जिसका कोई नहीं होता, उसका ईश्वर होता है, लेकिन उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘जनता दर्शन’ ने यह साबित कर दिया है कि बेसहारा बच्चों के लिए अब सरकार ही अभिभावक की भूमिका में है। लखीमपुर खीरी के दो अनाथ भाइयों की व्यथा जब मुख्यमंत्री दरबार तक पहुँची, तो न केवल उनकी पुकार सुनी गई, बल्कि प्रशासन को तत्काल सहायता के निर्देश भी जारी किए गए। मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन ने जो तत्परता दिखाई, वह आज पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है।
सीएम के निर्देश और प्रशासन की सक्रियता
दो मासूम भाइयों, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया था, उनके सामने भविष्य का अंधकार था। जब यह मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आया, तो उन्होंने बिना विलंब किए जिलाधिकारी (DM) दुर्गा शक्ति नागपाल को बच्चों की जिम्मेदारी उठाने और उन्हें हर संभव सरकारी मदद मुहैया कराने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता को देखते हुए डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने तत्काल अपनी टीम को सक्रिय किया और बच्चों के पुनर्वास की योजना तैयार की। डीएम के कुशल निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अभिषेक कुमार ने स्वयं इस मामले की कमान संभाली। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और मुख्यमंत्री की ओर से दी गई सहायता को उन तक पहुँचाया। प्रशासन की ओर से निम्नलिखित सहायता तत्काल प्रदान की गई…
* वित्तीय सहायता: परिवार को तात्कालिक जरूरतों के लिए 50 हजार रुपये की नकद सहायता/चेक प्रदान किया गया।
* खाद्यान्न सहायता: बच्चों के लिए पर्याप्त मात्रा में राशन और खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया।
* CSR किट: बच्चों की दैनिक आवश्यकताओं के लिए विशेष सीएसआर (CSR) किट सौंपी गई, जिसमें बुनियादी जरूरत का सामान शामिल था।
Lakhimpur Kheri: भविष्य को संवारने की पहल
प्रशासन की मदद केवल राशन और पैसों तक सीमित नहीं रही। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देशानुसार, दोनों भाइयों को ‘स्पॉन्सरशिप योजना’ से जोड़ा जा रहा है। इसके अंतर्गत बच्चों को प्रतिमाह एक निश्चित धनराशि दी जाएगी ताकि उनका भरण-पोषण सुचारू रूप से हो सके। साथ ही, शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया है कि दोनों बच्चों का दाखिला प्रतिष्ठित विद्यालय में कराया जाए और उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार वहन करे। जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने इस मामले पर कहा, “मुख्यमंत्री जी की मंशा है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा खुद को बेसहारा न समझे। प्रशासन इन बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है और समय-समय पर इनकी प्रगति की समीक्षा की जाएगी।” वहीं सीडीओ अभिषेक कुमार ने बच्चों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि प्रशासन हमेशा उनके साथ खड़ा है और उन्हें किसी भी मोड़ पर अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
Report By: संजय कुमार
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