Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के जनपद पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र से आगे आज एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। नेपाल से राजधानी दिल्ली की ओर जा रही एक तेज रफ्तार यात्री बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में पलट गई। यह हादसा इतना भीषण था कि बस के पलटते ही उसमें सवार यात्रियों की चीख-पुकार से आसपास का पूरा इलाका गूंज उठा। सड़क पर बिखरा सामान, टूटे हुए शीशे और दर्द से कराहते लोग इस बात की गवाही दे रहे थे कि हादसा कितना डरावना रहा होगा।
अनियंत्रित होकर पलटी बस
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह नेपाली बस (नेपाल नंबर प्लेट) सुबह-सवेरे अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बस की रफ्तार काफी अधिक थी। जैसे ही बस पूरनपुर से कुछ किलोमीटर आगे बढ़ी, चालक ने अचानक बस पर से नियंत्रण खो दिया। स्थानीय लोगों की मानें तो शायद किसी आवारा पशु या सामने से आ रहे वाहन को बचाने के प्रयास में बस लहराई और अनियंत्रित होकर दो बार पलटी मारते हुए सड़क से नीचे जा गिरी। बस के पलटते ही उसका अगला और ऊपरी हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे अंदर बैठे यात्री मलबे और सीटों के बीच फंस गए।

हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण और राहगीर अपनी जान की परवाह न करते हुए घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। प्रशासन के पहुँचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया था। ग्रामीणों ने बस के शीशे तोड़कर और लोहे की चादरों को काटकर अंदर फंसे डरे-सहमे बच्चों और महिलाओं को बाहर निकाला। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि दृश्य इतना भयावह था कि उसे देखकर किसी का भी कलेजा कांप जाए। कई यात्री गंभीर रूप से घायल थे और खून से लथपथ हालत में मदद की गुहार लगा रहे थे।
Lakhimpur Kheri: पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की तत्परता
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एम्बुलेंस की टीमें मौके पर पहुँचीं। पुलिस बल ने स्थिति को संभालते हुए घायलों को तत्काल एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और जिला अस्पताल पहुँचाया। बताया जा रहा है कि बस में करीब 40 से 50 यात्री सवार थे। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को हायर सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने बस के भीतर फंसे हुए यात्रियों की गिनती की और यह सुनिश्चित किया कि कोई भी मलबे के नीचे दबा न रह जाए।
बस में सवार अधिकांश यात्री नेपाली नागरिक थे, जो रोजगार की तलाश में या काम के सिलसिले में दिल्ली और आसपास के इलाकों में जा रहे थे। इस हादसे ने उनके सफर को एक बुरे सपने में बदल दिया। कई परिवार एक साथ सफर कर रहे थे, जिनके बच्चे और बुजुर्ग इस समय अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। पुलिस अब नेपाल दूतावास और यात्रियों के परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश कर रही है ताकि उन्हें इस दुर्घटना की जानकारी दी जा सके।

तेज रफ्तार या तकनीकी खराबी?
हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण तेज रफ्तार और सड़क पर सुबह के समय रहने वाला हल्का कोहरा माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नेपाल और भारत के बीच चलने वाली बसें अक्सर क्षमता से अधिक सवारियां भरती हैं और समय पर पहुँचने के चक्कर में चालक बसों को बहुत तेज चलाते हैं। इस रूट पर पहले भी कई बार ओवरलोडिंग के कारण हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है।
Report By: संजय कुमार
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