UP News: उत्तर प्रदेश के जनपद मिर्जापुर में आज एक और जिंदगी सड़क हादसों की भेंट चढ़ गई। नियति का क्रूर खेल देखिए कि एक छोटी सी चूक और चंद सेकंड के फासले ने एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझा दिया। मिर्जापुर के व्यस्त मार्ग पर अचानक ब्रेक लगाने के कारण एक मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर फिसल गई, और इससे पहले कि सवार संभल पाता, पीछे से काल बनकर आ रहे एक भारी भरकम ट्रक ने उसे कुचल दिया। इस भीषण दुर्घटना में बाइक सवार की मौके पर ही अत्यंत दर्दनाक मौत हो गई।
सड़क पर बिखरा खून और सन्नाटा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना मिर्जापुर के एक मुख्य राजमार्ग पर घटित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि युवक अपनी मोटरसाइकिल से सामान्य गति से जा रहा था। तभी अचानक सड़क पर किसी अवरोध या मोड़ के कारण उसने तेजी से ब्रेक लगाया। तेज ब्रेक लगते ही मोटरसाइकिल का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर बुरी तरह फिसल गई।
दुर्भाग्यवश, उसी समय पीछे से एक तेज रफ्तार ट्रक आ रहा था। ट्रक चालक ने ब्रेक लगाने की कोशिश तो की, लेकिन भारी वाहन होने के कारण वह समय पर नहीं रुक सका। बाइक सवार सीधे ट्रक के पहियों के नीचे आ गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि हेलमेट पहनने के बावजूद (यदि पहना था) या सिर में गंभीर चोट लगने के कारण युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
मौके पर मची अफरा-तफरी
हादसे के बाद मौके पर राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। सड़क पर युवक का क्षत-विक्षत शव देखकर हर कोई दहल उठा। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँची और सबसे पहले यातायात को सुचारू कराया, क्योंकि हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं।
पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अब मृतक की पहचान करने की कोशिश कर रही है ताकि उसके परिजनों को इस दुखद घड़ी की सूचना दी जा सके। वहीं, हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।

मिर्जापुर में हुआ यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ‘डिफेंसिव ड्राइविंग’ की कमी को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अचानक ब्रेक लगाना (Panic Braking) अक्सर जानलेवा साबित होता है, खासकर यदि सड़क पर धूल, बजरी या नमी हो। दूरी का अभाव: वाहनों के बीच उचित दूरी न होना भी ऐसे हादसों का मुख्य कारण है। यदि ट्रक और बाइक के बीच पर्याप्त दूरी होती, तो शायद ट्रक चालक को रुकने का समय मिल जाता। भारी वाहनों की गति: रिहायशी इलाकों और मोड़ों पर भारी वाहनों की अनियंत्रित गति लगातार काल बन रही है।
परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
हालांकि खबर लिखे जाने तक मृतक की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी थी, लेकिन इस खबर ने पूरे क्षेत्र को शोक संतप्त कर दिया है। एक बेगुनाह जान का इस तरह चले जाना समाज और प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय है। सड़क के किनारे गिरी वह टूटी हुई मोटरसाइकिल उस भयानक मंजर की मूक गवाह बनी खड़ी थी, जिसे देखकर हर राहगीर की आँखें नम हो गईं।
Report By: संजय कुमार







