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₹9 करोड़ के बकाया मामले में राजपाल यादव ने किया सरेंडर, तेज प्रताप यादव ने की ₹11 लाख की मदद

अभिनेता राजपाल यादव ने हाल ही में कोर्ट में सरेंडर किया है। बकाया रकम न चुका पाने के मामले में उनके खिलाफ चल रहे केस में कोर्ट पहले ही सजा सुना चुका था। अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने दो डिमांड ड्राफ्ट के जरिए ₹75 लाख जमा किए, लेकिन कोर्ट को यह पर्याप्त नहीं लगा। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि सेलिब्रिटी होने के आधार पर किसी को बार-बार राहत नहीं दी जा सकती।

Rajpal yadav: अभिनेता राजपाल यादव ने हाल ही में कोर्ट में सरेंडर किया है। बकाया रकम न चुका पाने के मामले में उनके खिलाफ चल रहे केस में कोर्ट पहले ही सजा सुना चुका था। जानकारी के मुताबिक, एक फिल्म के लिए लिए गए लोन को लेकर राजपाल यादव पर करीब 9 करोड़ रुपये की देनदारी है। इस बीच फिल्म इंडस्ट्री से सोनू सूद की मदद के बाद अब राजनीति से भी समर्थन सामने आया है। जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने राजपाल यादव की आर्थिक मदद करने का ऐलान किया है।

तेज प्रताप यादव ने की आर्थिक सहायता की घोषणा

तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए राजपाल यादव के परिवार के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने लिखा कि उन्हें राव इंदरजीत यादव की पोस्ट के जरिए राजपाल यादव के परिवार की कठिन परिस्थितियों की जानकारी मिली। तेज प्रताप यादव ने कहा कि इस मुश्किल वक्त में वे और उनका पूरा JJD परिवार राजपाल यादव के साथ खड़ा है और मानवीय आधार पर ₹11 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उनके परिवार को दी जा रही है।

Rajpal yadav: क्या है पूरा मामला

राजपाल यादव की कानूनी मुश्किलें साल 2010 में शुरू हुई थीं। उन्होंने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ (2012) के लिए दिल्ली की मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब ₹5 करोड़ का लोन लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, जिसके चलते लोन की रकम चुकाई नहीं जा सकी और मामला कोर्ट पहुंच गया। अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया।

Rajpal yadav: छह महीने की जेल की सजा

शिकायतकर्ता को दिए गए सात चेक बाउंस होने के बाद कोर्ट ने राजपाल यादव को छह महीने की साधारण जेल की सजा सुनाई। साल 2019 में सेशन कोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट में रिवीजन पिटीशन दायर की गई, लेकिन समय के साथ उनकी परेशानियां और बढ़ती चली गईं।
जून 2024 में कोर्ट ने सजा को अस्थायी रूप से सस्पेंड करते हुए बकाया रकम चुकाने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए, लेकिन देनदारी बढ़कर करीब ₹9 करोड़ तक पहुंच चुकी थी।

कोर्ट ने क्यों अपनाया सख्त रुख

Rajpal yadav: अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने दो डिमांड ड्राफ्ट के जरिए ₹75 लाख जमा किए, लेकिन कोर्ट को यह पर्याप्त नहीं लगा। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि सेलिब्रिटी होने के आधार पर किसी को बार-बार राहत नहीं दी जा सकती। 4 फरवरी 2026 को कोर्ट ने फंड जुटाने के लिए मांगी गई आखिरी समय की मोहलत भी खारिज कर दी। कोर्ट ने यह भी कहा कि राजपाल यादव पहले करीब 20 बार अपने कमिटमेंट पूरे करने में असफल रहे हैं। 5 फरवरी 2026 को, नए पेमेंट शेड्यूल और ₹25 लाख के चेक के बावजूद कोर्ट ने सरेंडर आदेश वापस लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसी दिन शाम करीब 4 बजे, राजपाल यादव ने अपनी छह महीने की सजा काटने के लिए तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया।

 

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