Bangladesh Elections 2026: बांग्लादेश में गुरुवार को 13वें संसदीय चुनाव के लिए मतदान जारी है। देश की 299 सीटों पर सुबह 7:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) वोटिंग शुरू हुई, जो 42,779 मतदान केंद्रों पर शाम 4:30 बजे तक चलेगी। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना शुरू होगी और नई सरकार की तस्वीर साफ हो जाएगी।
विरोध प्रदर्शनों के बाद हो रहा अहम चुनाव
यह चुनाव पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के 15 वर्षों के शासन के अंत और देशभर में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के लगभग 18 महीने बाद हो रहा है। संसदीय चुनाव के साथ 84-पॉइंट रिफॉर्म पैकेज पर जनमत संग्रह (रेफरेंडम) भी कराया जा रहा है, जिससे बांग्लादेश के संवैधानिक ढांचे में बड़े बदलाव संभव हैं।
Bangladesh Elections 2026: 12.7 करोड़ से अधिक मतदाता
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस चुनाव में 127 मिलियन (करीब 12.7 करोड़) से अधिक पंजीकृत मतदाता मतदान के पात्र हैं। इनमें लगभग 62.88 मिलियन महिलाएं शामिल हैं। खास बात यह है कि करीब 2.7 मिलियन महिलाओं ने पहली बार वोट देने के लिए पंजीकरण कराया है, जो नए रजिस्टर्ड पुरुष मतदाताओं (1.87 मिलियन) से अधिक है।18 से 37 वर्ष आयु वर्ग के मतदाता कुल वोटरों का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा हैं, जिससे युवा मतदाताओं की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।
महिला उम्मीदवारों की कम भागीदारी
मतदाताओं में महिलाओं की मजबूत उपस्थिति के बावजूद, उम्मीदवारों में उनकी भागीदारी सीमित है। कुल उम्मीदवारों में सिर्फ 83 महिलाएं मैदान में हैं — जिनमें 63 विभिन्न राजनीतिक दलों से और 20 निर्दलीय उम्मीदवार हैं। यह कुल उम्मीदवारों का लगभग चार प्रतिशत है।
Bangladesh Elections 2026: कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए देशभर में लगभग 9,58,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। संवेदनशील और अति-संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल लगाए गए हैं। इसके अलावा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मतदान प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए 1,00,000 से अधिक सेना के जवान भी तैनात किए गए हैं।
अवामी लीग पर प्रतिबंध, बीएनपी आगे
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को चुनाव में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। ऐसे में मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच माना जा रहा है।
17 वर्षों बाद देश लौटे बीएनपी नेता तारिक रहमान को इस चुनाव में प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। उन्होंने रोजगार सृजन, कानून-व्यवस्था में सुधार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।
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