UP News: उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त नीति के तहत कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में मुजफ्फरनगर जिले के बुढाना कोतवाली क्षेत्र में देर रात पुलिस और कुख्यात बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी अपराधी अमजद ढेर हो गया। मुठभेड़ के दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
दोनों ओर से फायरिंग
पुलिस के अनुसार, देर रात सूचना मिली थी कि इनामी अपराधी अमजद अपने साथियों के साथ क्षेत्र में सक्रिय है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अलर्ट हो गई। एसपी आरए और सीओ बुढाना के नेतृत्व में पुलिस ने विज्ञान रोड के पास जंगल क्षेत्र में घेराबंदी की। इसी दौरान पुलिस और बदमाशों का आमना-सामना हो गया, जिसके बाद दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई।मुठभेड़ में अमजद पुलिस की गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग में सब इंस्पेक्टर संदीप और सिपाही अशफाक घायल हो गए। गोलीबारी के दौरान पुलिस वाहन पर भी गोलियां लगीं, जिससे गाड़ी के शीशे टूट गए। अधिकारियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोलियों के निशान पाए गए हैं, जो मुठभेड़ की तीव्रता को दर्शाते हैं।
घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और सभी घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। अमजद को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बुढाना में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घायल पुलिसकर्मियों का इलाज जारी है और चिकित्सकों के अनुसार वे खतरे से बाहर हैं।
UP News: कई राज्यों में दर्ज थे करीब 40 मुकदमे
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अमजद पर लूट, हत्या, डकैती और अपहरण जैसे गंभीर अपराधों के लगभग 40 मुकदमे दर्ज थे। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड में भी आपराधिक मामले दर्ज थे। वह लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था और हाल ही में कई लूट की वारदातों में वांछित चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने 9 एमएम की कार्बाइन, एक पिस्टल, एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, बड़ी संख्या में कारतूस, कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज, लूटी गई ज्वेलरी और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। बरामद सामान को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई
मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार वर्मा ने बताया कि देर रात मिले इनपुट के आधार पर तत्काल कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने अपराध और माफिया तत्वों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। प्रदेश भर में संगठित अपराध, गैंगस्टर गतिविधियों और इनामी अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सरकार की स्पष्ट नीति है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
प्रदेश सरकार के इसी सख्त रुख का असर है कि पुलिस लगातार इनामी और वांछित अपराधियों पर कार्रवाई कर रही है। मुजफ्फरनगर की यह मुठभेड़ भी उसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों में भय का माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस अन्य फरार साथियों की तलाश में भी जुटी हुई है और क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
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