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लखीमपुर खीरी में तालाब में मिला नवजात का शव, कलयुगी ममता ने मानवता को किया शर्मसार, जांच में जुटी पुलिस

Lakhimpur Kheri

Lakhimpur Kheri: जहाँ एक तरफ हमारा देश ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और आधुनिक भारत की बुलंदियों को छूने की बात कर रहा है, वहीं उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से आई एक हृदयविदारक घटना ने सामाजिक ताने-बाने और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जनपद के मितौली थाना क्षेत्र में एक नवजात शिशु का शव तालाब में उतराता मिलने से पूरे उत्तर प्रदेश सहित राष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के भीतर मर रही संवेदनाओं का एक खौफनाक प्रमाण है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, मितौली थाना क्षेत्र की पुलिस चौकी मढ़िया बाजार अंतर्गत दतली खुर्द गांव के बाहर स्थित धोबहैय्या तालाब में बुधवार सुबह उस समय चीख-पुकार मच गई, जब ग्रामीणों ने पानी की सतह पर एक छोटे मासूम का शव तैरता देखा। सुबह के सन्नाटे में जब गांव वाले दैनिक कार्यों के लिए बाहर निकले थे, तब इस मासूम की लाश को देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों की आंखों में आक्रोश और दुख साफ झलक रहा था।

Lakhimpur Kheri: पुलिस की त्वरित कार्रवाई और घटनास्थल का निरीक्षण

ग्रामीणों ने तत्काल इस अमानवीय घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना के महत्व और संवेदनशीलता को देखते हुए मढ़िया बाजार पुलिस चौकी के उप निरीक्षक लालन जी सिंह और हेड कांस्टेबल सुनील कुशवाहा दलबल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तालाब के चारों ओर घेराबंदी कर शव को पानी से बाहर निकलवाया। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया ताकि दोषियों का कोई सुराग हाथ लग सके। पुलिस ने गांव के चौकीदार और स्थानीय निवासियों से सघन पूछताछ की है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह मासूम किसका है और किस बेरहम हाथ ने इसे अंधेरी रात में मौत के हवाले कर तालाब में फेंक दिया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।

राष्ट्रीय स्तर पर उठते सवाल: आखिर क्यों?

यह घटना केवल लखीमपुर खीरी के एक छोटे से गांव की नहीं है, बल्कि यह उन तमाम दावों पर सवालिया निशान है जो महिला सशक्तिकरण और सुरक्षित बचपन की बात करते हैं। आए दिन देश के किसी न किसी कोने से नवजातों को कूड़े के ढेर, झाड़ियों या तालाबों में फेंकने की खबरें आती हैं। इसके पीछे के कारण चाहे लोक-लाज का भय हो, अवैध संबंधों को छिपाने की कोशिश हो या फिर गरीबी, लेकिन एक बेगुनाह जान को इस तरह खत्म कर देना जघन्यतम अपराध की श्रेणी में आता है।

मढ़िया बाजार पुलिस का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर टीम गठित कर दी गई है। आसपास के अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में हाल ही में हुए प्रसवों का विवरण खंगाला जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट होगा कि शिशु को तालाब में जिंदा फेंका गया था या उसकी हत्या कहीं और कर शव को यहाँ ठिकाने लगाया गया। धोबहैय्या तालाब के किनारे खड़ा हर व्यक्ति आज उस कलयुगी ममता को कोस रहा था जिसने अपनी कोख को ही श्मशान बना दिया। दतली खुर्द गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह किसी बाहरी व्यक्ति का काम भी हो सकता है जो अंधेरे का फायदा उठाकर यहाँ शव फेंक गया।

Report By: संजय कुमार राठौर

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