Stock Market Crash: तीन लगातार कारोबारी सत्रों में तेजी के बाद गुरुवार को, जो हफ्ते का चौथा कारोबारी दिन था, भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। बाजार खुलते ही प्रमुख सूचकांक लाल निशान में नजर आए। बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 84,233.64 से 265.21 अंक नीचे फिसलकर 83,968.43 पर खुला, जबकि निफ्टी50 भी 47.15 अंक की कमजोरी के साथ 25,906.70 पर खुला, जो इससे पहले 25,953.85 पर बंद हुआ था।
शुरुआती कारोबार में भारी कमजोरी
सुबह करीब 9:28 बजे तक गिरावट और बढ़ गई। इस समय 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 405.13 अंक यानी 0.48 प्रतिशत टूटकर 83,828.51 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी भी 113.45 अंक या 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,840.40 पर ट्रेड करता दिखाई दिया।
विस्तृत बाजार में भी दबाव साफ नजर आया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.78 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.98 प्रतिशत तक कमजोर हो गया, जिससे छोटे और मझोले शेयरों में बिकवाली का असर दिखा।

Stock Market Crash: आईटी सेक्टर में सबसे बड़ी गिरावट
अगर सेक्टर के हिसाब से देखें तो सबसे ज्यादा नुकसान आईटी सेक्टर को हुआ। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 4 प्रतिशत से अधिक की तेज गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा निफ्टी ऑटो इंडेक्स 0.35 प्रतिशत नीचे रहा और निफ्टी बैंक में 0.02 प्रतिशत की मामूली कमजोरी दर्ज की गई। हालांकि एफएमसीजी सेक्टर ने थोड़ी मजबूती दिखाई और निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स में 0.04 प्रतिशत की हल्की बढ़त दर्ज की गई।
निफ्टी50 में गिरावट वाले शेयर
निफ्टी50 इंडेक्स में शामिल 30 से ज्यादा शेयर नुकसान में कारोबार कर रहे थे। टॉप लूजर्स में इंफोसिस करीब 5 प्रतिशत, टीसीएस और एचसीएल टेक लगभग 4.40 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 4.24 प्रतिशत, विप्रो 3.32 प्रतिशत और इटरनल 2.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ शामिल रहे। इनके अलावा एचडीएफसी लाइफ, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एसबीआई लाइफ के शेयरों में भी कमजोरी देखी गई।
वहीं दूसरी ओर कुछ शेयरों में मजबूती भी नजर आई। आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, आइशर मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एनटीपीसी, बीईएल और एक्सिस बैंक के शेयर टॉप गेनर्स की सूची में शामिल रहे और इन्होंने बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया।

तकनीकी स्तरों पर बिकवाली का दबाव
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह के अनुसार, पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी50 ने लगभग 80 अंकों की बढ़त के साथ गैप-अप ओपनिंग की थी, लेकिन इसके बाद पूरे दिन सीमित दायरे में ही कारोबार होता रहा। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार इस समय कंसोलिडेशन के दौर में है और निवेशकों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है। तकनीकी रूप से देखें तो 26,050 से 26,100 के स्तर पर निफ्टी में बिकवाली का दबाव बना हुआ है, जबकि 25,800 से 25,850 के बीच निकट अवधि का सपोर्ट नजर आता है।
संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों पर बात करते हुए एक्सपर्ट ने बताया कि 11 फरवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगातार चौथे सत्र में खरीदारी जारी रखी और करीब 943 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीद की। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशक बिकवाली के मूड में रहे और उन्होंने 125 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेच दिए।
वैश्विक अनिश्चितता में सतर्क निवेश जरूरी
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितता और घरेलू बाजार में जारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को सोच-समझकर और अनुशासन के साथ निवेश करना चाहिए। गिरावट के समय मजबूत बुनियादी स्थिति वाले शेयरों पर ध्यान देना बेहतर हो सकता है। नई लंबी अवधि की खरीदारी तभी करनी चाहिए जब निफ्टी 26,000 के स्तर के ऊपर मजबूती से टिके, क्योंकि इस स्तर के पार जाने से बाजार में स्थिरता और ठोस सुधार के संकेत मिल सकते हैं।
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