Rahul Gandhi: संसद के बजट सत्र में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। उनके बयानों और हंगामे को लेकर सदन की कार्यवाही कई दिनों तक प्रभावित रही। कांग्रेस का आरोप है कि राहुल गांधी को बोलने का पूरा मौका नहीं दिया गया, जबकि बीजेपी का कहना है कि विपक्ष जानबूझकर सदन नहीं चलने दे रहा। अब इस सियासी टकराव ने नया मोड़ ले लिया है।
सदस्यता खत्म करने की मांग
बीजेपी सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कथित “अनैतिक आचरण” की जांच के लिए संसदीय समिति गठित करने की बात कही है। साथ ही, जांच पूरी होने तक उनकी सदस्यता समाप्त करने जैसे कदम पर भी विचार करने का आग्रह किया है।
Rahul Gandhi: पहले भी जा चुकी है सदस्यता
डॉ. दुबे ने अपने पत्र में यह भी याद दिलाया कि पिछले कार्यकाल में मानहानि मामले में सजा मिलने के बाद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उनकी सदस्यता बहाल कर दी गई थी। बीजेपी का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि से अपेक्षित मर्यादा का पालन नहीं किया जा रहा।
Rahul Gandhi: नरवणे की किताब का जिक्र बना मुद्दा
पत्र में 11 फरवरी को दिए गए राहुल गांधी के भाषण का खास तौर पर उल्लेख किया गया है। आरोप है कि उन्होंने पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक का हवाला देकर सेना, रक्षा मंत्रालय और प्रधानमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। बीजेपी का कहना है कि सेना को राजनीतिक बहस में घसीटना उचित नहीं है।
विदेश यात्राओं और बयानों पर सवाल
Rahul Gandhi: डॉ. दुबे ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं की फंडिंग और प्रोटोकॉल को लेकर भी सवाल उठाए हैं। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कई बार रक्षा, वित्त और विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर बिना ठोस सबूत के बयान देते रहे हैं। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में पत्र में कोई ठोस साक्ष्य नहीं दिया गया है। फिलहाल, इस पूरे मामले पर राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह गरमा सकता है।
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