Bihar News: साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भागलपुर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के जरिए 1.20 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मामले में गिरोह के कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का दावा है कि यह नेटवर्क देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों तक फैला हुआ था।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बनी विशेष टीम
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराध थाना भागलपुर में दर्ज एक मामले की तकनीकी जांच के दौरान इस बड़े फाइनेंशियल फ्रॉड का खुलासा हुआ। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश और नगर पुलिस अधीक्षक की निगरानी में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने डिजिटल ट्रेल और बैंकिंग लेन-देन की गहन पड़ताल की, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि ठगी की गई रकम को एक संगठित नेटवर्क के जरिए पहले विभिन्न खातों में घुमाया जाता था और बाद में उसे विदेशों में ट्रांसफर कर दिया जाता था।
तकनीकी अनुसंधान के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी हरियाणा के फरीदाबाद में रहकर पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। पुलिस के अनुसार, गिरोह के तार दुबई समेत कई विदेशी शहरों से जुड़े हुए थे। आरोपी पीड़ितों को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर झांसा देता था। उन्हें फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर डराया-धमकाया जाता था और फिर कथित जांच या सत्यापन के नाम पर रकम ट्रांसफर करवा ली जाती थी।
Bihar News: मधुबनी से मास्टरमाइंड गिरफ्तार
गठित विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए मधुबनी जिले के बिस्फी थाना क्षेत्र अंतर्गत छिछुआडीह गांव में छापेमारी की। वहां से आरोपी मो. गुफरान को उसके घर से विधिवत गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने नेटवर्क के जरिए ठगी की रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर अंततः विदेश भेज देता था। पुलिस ने उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य होने की संभावना है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में शामिल अन्य अपराधियों की पहचान की जा रही है। संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट्स की भी जांच की जा रही है ताकि नेटवर्क के पूरे ढांचे को ध्वस्त किया जा सके। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
वहीं इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या मैसेज के जरिए खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले लोगों से सावधान रहें। किसी भी स्थिति में डर या दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें और तुरंत नजदीकी साइबर थाना या हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
Report BY: शयामानंद सिह
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