Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से सामने आई एक गंभीर घटना ने शिक्षा जगत को झकझोर कर रख दिया है। आरोप है कि एक विद्यालय में तैनात शिक्षक ने आठवीं कक्षा की छात्रा को पढ़ाई में मदद और अतिरिक्त मार्गदर्शन का झांसा देकर अपने करीब किया और लंबे समय तक उसका शोषण करता रहा।बताया जा रहा है कि शुरुआत में आरोपी शिक्षक ने छात्रा के परिवार का भरोसा जीता। वह खुद को मददगार और जिम्मेदार शिक्षक के रूप में पेश करता रहा। इसी भरोसे की आड़ में उसने कथित रूप से गलत हरकतों को अंजाम दिया।
डर, दबाव और चुप्पी का दौर
परिजनों के अनुसार छात्रा काफी समय तक मानसिक दबाव में रही। जब उसने विरोध जताने की कोशिश की तो उसे डराया-धमकाया गया। नाबालिग होने के कारण वह सहमी रही और किसी से कुछ कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाई।
मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब आरोपी की शादी कहीं और तय होने की जानकारी सामने आई। इस खबर से आहत छात्रा ने आखिरकार साहस दिखाया और पूरी घटना अपनी मां को बता दी। बेटी की आपबीती सुनकर परिवार सन्न रह गया और तुरंत पुलिस के पास पहुंचा।
Uttar Pradesh: शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस
परिवार की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। नाबालिग से जुड़े मामलों में लागू कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है और उसे न्यायालय में पेश किया गया।अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। छात्रा का बयान दर्ज कर लिया गया है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
Uttar Pradesh: शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। अभिभावक और स्थानीय लोग स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि शिक्षकों की नियुक्ति और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि बच्चों को सुरक्षित माहौल देने के साथ-साथ उन्हें अपनी बात खुलकर कहने का साहस भी दिया जाना चाहिए। समय रहते सच सामने आना ही न्याय की दिशा में पहला कदम है।






