Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को कांग्रेस ने प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया। कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने नियम-56 के तहत चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार के प्रयास नाकाफी हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में हर 20 मिनट में एक परिवार सड़क हादसे में उजड़ रहा है और स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है।
दुर्घटनाओं के आंकड़े चिंताजनक
आराधना मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में प्रतिवर्ष करीब 45 हजार सड़क हादसे हो रहे हैं, जिनमें 24 हजार से अधिक लोगों की मौत हो रही है। 2014 में जहां मृतकों की संख्या 16 हजार थी, वह 2024 में बढ़कर 24 हजार के पार पहुंच गई। उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार 56 प्रतिशत दुर्घटनाओं का कारण है, जबकि 12 प्रतिशत मौतें गलत दिशा में वाहन चलाने और 8 प्रतिशत नशे में ड्राइविंग से हो रही हैं। औसतन प्रतिदिन 65 लोगों की जान जा रही है और मृतकों में आधे से अधिक युवा हैं।
Uttar Pradesh: ब्लैक स्पॉट्स पर कार्रवाई पर सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर सरकार की कार्रवाई केवल प्रतीकात्मक है। आगरा में 44 ब्लैक स्पॉट चिन्हित हैं, जहां 2024 में 586 लोगों की मौत हुई। बाराबंकी देश के 100 प्रमुख ब्लैक स्पॉट्स में शामिल है। उन्होंने मथुरा, रायबरेली और कानपुर में हालिया हादसों का जिक्र करते हुए ठोस तकनीकी सुधार की मांग की।
सरकार को सुझाव और मांगें
उन्होंने सभी ब्लैक स्पॉट्स का इंजीनियरिंग ऑडिट कराने, आईटीएमएस लागू करने, डिजिटल निगरानी मजबूत करने और ट्रैफिक कर्मियों की तत्काल भर्ती की मांग की। प्रदेश में 5 करोड़ वाहनों के मुकाबले केवल 9 हजार ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। साथ ही स्कूल-कॉलेजों में सड़क सुरक्षा शिक्षा अनिवार्य करने और पीड़ित परिवारों के लिए पारदर्शी सहायता योजना लागू करने पर भी जोर दिया।






