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अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण के गंभीर आरोप

अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण के गंभीर आरोप

 Avimukteshwaranand News:  प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में शुक्रवार को उस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें आशुतोष महाराज ने अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में नाबालिग बच्चों के यौन शोषण का आरोप लगाया है। दोपहर 2 बजे शुरू हुई सुनवाई के बाद स्पेशल जज पॉक्सो विनोद कुमार चौरसिया ने फैसला सुरक्षित रख लिया। अब शाम 5 बजे यह तय होगा कि शंकराचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया जाएगा या मामला खारिज कर दिया जाएगा।

आशुतोष महाराज खुद बने वकील 

इस मामले में आशुतोष महाराज स्वयं ही याचिकाकर्ता और अधिवक्ता के रूप में कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने जज के सामने कहा कि दो नाबालिग शिष्य उनके पास आए और उन्होंने अपने साथ हुए कथित यौन शोषण की पूरी कहानी सुनाई। उन्होंने कहा मुझे न्यायपालिका से ही इंसाफ की उम्मीद है।

 Avimukteshwaranand News: कोर्ट रूम खाली कर दर्ज किया बच्चों का बयान :

सुनवाई के दौरान अदालत ने एक अहम कदम उठाते हुए पॉक्सो कोर्ट रूम को खाली कराने का आदेश दिया। कमरे में सिर्फ दोनों पक्षों के वकील मौजूद रहे। इसके बाद नाबालिग बच्चों को कोर्ट में लाया गया,बच्चों ने जज के सामने अपने साथ हुए कथित शोषण के बारे में बयान दर्ज कराए।सुनवाई के दौरान आशुतोष महाराज ने यह भी कहा कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी कार को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है।कोर्ट रूम से बाहर निकलते समय आशुतोष महाराज भावुक हो गए।

 Avimukteshwaranand News: जज के सवाल: आप बच्चों के कौन?

स्पेशल जज विनोद कुमार चौरसिया ने आशुतोष महाराज से पूछा कि वे पीड़ित बच्चों के कौन हैं और किस आधार पर उनके अभिभावक बने हैं। इस पर आशुतोष महाराज ने कहा कि गुरु परंपरा के तहत वे न्याय के लिए खड़े हुए हैं और बच्चों ने उनसे संपर्क कर मदद मांगी थी।

 शंकराचार्य पक्ष की दलील 

अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से पेश वकील ने अदालत में कहा कि ये केवल आरोप हैं और केस की तैयारी के लिए समय चाहिए।इससे पहले अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया से कहा था कि उन्होंने कोर्ट में सभी साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गोमाता की रक्षा के मुद्दे पर आवाज उठाने के बाद से कुछ लोग उनके खिलाफ सक्रिय हो गए हैं।पहली शिकायत में आरोप लगाया गया कि शिविर और गुरुकुल में नाबालिग बच्चों को रखकर उनसे निजी सेवा, कार्यक्रमों में भीड़ और अन्य कार्य कराए जाते हैं। दूसरी शिकायत में अविमुक्तेश्वरानंद पर फर्जी लेटरपैड और दस्तावेज बनाकर खुद को ज्योतिष्पीठ का शंकराचार्य बताने का आरोप लगाया गया।

Writer : Raksha Raval

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