Shivraj Singh: राज्यसभा में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार सत्ता सुख के लिए नहीं, बल्कि किसान, गांव और गरीब के सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि जीवनदाता है और सरकार की नीतियों का केंद्र बिंदु वही है।
एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर और एमएसपी पर जोर
मंत्री ने बताया कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) के तहत 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। देशभर में हजारों वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित हुई हैं, जिससे फसल नुकसान में 5 से 15 प्रतिशत तक कमी आई है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुरूप लागत पर 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर एमएसपी दे रही है। दलहन की रिकॉर्ड खरीद का उल्लेख करते हुए उन्होंने तुअर, मसूर और उड़द की 100 प्रतिशत खरीद सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।
Shivraj Singh: दलहन आत्मनिर्भरता और विविधीकरण
चौहान ने कहा कि ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ के तहत बेहतर बीज, क्लस्टर आधारित खेती और प्रति हेक्टेयर 10,000 रुपये तक सहायता दी जा रही है। उनका लक्ष्य 2030-31 तक दालों में पूर्ण आत्मनिर्भरता हासिल करना है। पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
पराली प्रबंधन और प्रदूषण
उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर प्रदूषण के लिए केवल किसानों को दोषी ठहराना उचित नहीं। फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत मशीनों पर 50 से 80 प्रतिशत सब्सिडी दी गई है और लाखों मशीनें वितरित की गई हैं। सरकार पराली को संसाधन में बदलने और स्वच्छ पर्यावरण के लिए प्रतिबद्ध है।






