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16 फरवरी 2026 पंचांग: 7 बड़े योग, 12 शुभ मुहूर्त और महादेव पूजन का महासंयोग

16 फरवरी पंचांग के अनुसार इस दिन फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी, विभिन्न शुभ मुहूर्त, योग और अशुभ काल का विस्तृत विवरण दिया गया है, जिससे आप सही समय पर अपने महत्वपूर्ण कार्य कर सकें।
चतुर्दशी तिथि का धार्मिक महत्व

16 February Panchang: सनातन धर्म में पंचांग का बहुत खास महत्व होता है। यह हमें रोज़ के शुभ और अशुभ समय की जानकारी देता है और साथ ही यह भी बताता है कि किस दिन कौन-सा पर्व या तिथि है।16 फरवरी को फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। यह तिथि शाम 5 बजकर 34 मिनट तक रहेगी। इसके बाद अमावस्या शुरू हो जाएगी। हालांकि, उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन चतुर्दशी ही मानी जाएगी।

सोमवार का ग्रह और नक्षत्र संयोग

इस दिन सोमवार है। चंद्रमा मकर राशि में गोचर करेंगे। सूर्योदय सुबह 6 बजकर 59 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 12 मिनट पर।
नक्षत्र की बात करें तो श्रवण नक्षत्र शाम 8 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। उसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। वरीयान योग 17 फरवरी की सुबह 1 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। शकुनि करण शाम 5 बजकर 34 मिनट तक प्रभावी रहेगा।

16 February Panchang: चतुर्दशी तिथि का धार्मिक महत्व
चतुर्दशी तिथि का धार्मिक महत्व

16 February Panchang: सर्वार्थ सिद्धि योग में सफलता

अगर शुभ मुहूर्त की बात करें तो सुबह 6 बजकर 59 मिनट से शाम 8 बजकर 47 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। यह योग हर तरह के शुभ कार्यों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। अगर आप कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं, पूजा करना चाहते हैं, विवाह तय करना चाहते हैं या कोई जरूरी काम करना चाहते हैं, तो यह समय लाभदायक रहेगा।

दिनभर के प्रमुख शुभ मुहूर्त

दिन के अन्य शुभ समय इस प्रकार हैं:

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:16 से 6:08 तक

  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:13 से 12:58 तक

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 2:28 से 3:12 तक

  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:09 से 6:35 तक

  • अमृत काल: सुबह 9:58 से 11:38 तक

इन सभी समयों को शुभ और उत्तम माना जाता है।

अशुभ समय में रखें सावधानी

अब अशुभ समय की बात करें तो:

  • राहुकाल: सुबह 8:23 से 9:47 तक

  • यमगंड: सुबह 11:11 से दोपहर 12:35 तक

  • गुलिक काल: दोपहर 1:59 से 3:24 तक

  • दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:58 से 1:43 तक

सोमवार को शिव-गौरी पूजन का महत्व

ज्योतिष के अनुसार राहुकाल में कोई नया या शुभ काम शुरू नहीं करना चाहिए। सोमवार को सुबह 6:59 से शाम 8:47 तक आडल योग भी रहेगा, जिसमें शुभ कार्य करना उचित नहीं माना जाता।

सोमवार और चतुर्दशी का मेल धार्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। यह दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दिन शिव और माता गौरी की पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है। माना जाता है कि इस दिन श्रद्धा से पूजा करने पर मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

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