Surya Grahan 2026: 2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज लग रहा है। दुनिया के कई हिस्सों में यह खगोलीय घटना दिखाई देगी, जबकि भारत में इसकी दृश्यता सीमित रहने वाली है।आज साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है, जिसे खगोल विज्ञान के लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और कुछ समय के लिए सूर्य की रोशनी को ढक लेता है। इस दौरान आसमान में सूरज का आकार बदला हुआ दिखाई देता है और यही दृश्य लोगों को आकर्षित करता है। साल का पहला सूर्य ग्रहण हमेशा लोगों के बीच जिज्ञासा और उत्साह का कारण बनता है और इस बार भी लोग इसके समय और प्रभाव को लेकर जानकारी जुटा रहे हैं।
सूर्य ग्रहण का समय (भारतीय समय अनुसार)
खगोलीय जानकारी के अनुसार आज लगने वाले सूर्य ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर होगी। इसके बाद ग्रहण धीरे-धीरे अपने अधिकतम चरण की ओर बढ़ेगा और शाम 7 बजकर 57 मिनट पर इसका समापन होगा। यानी यह ग्रहण कई घंटों तक चलने वाली खगोलीय प्रक्रिया होगी। अलग-अलग देशों और स्थानों के अनुसार इसकी दृश्यता और समय में थोड़ा अंतर हो सकता है, लेकिन भारतीय समय के अनुसार यही प्रमुख समय माना जा रहा है।
Surya Grahan 2026: कहाँ दिखाई देगा यह सूर्य ग्रहण
इस बार का सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से अंटार्कटिका और दक्षिणी गोलार्ध के कई देशों में दिखाई देगा। अर्जेंटीना, बोलीविया, चिली, ब्राज़ील के कुछ हिस्सों, अफ्रीका के दक्षिणी क्षेत्र और समुद्री इलाकों में लोग इस खगोलीय घटना को देख सकेंगे। भारत में यह ग्रहण प्रत्यक्ष रूप से दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां लोगों को इसे लाइव स्ट्रीम या खगोलीय अपडेट्स के जरिए ही देखना होगा।
Surya Grahan 2026: वैज्ञानिक दृष्टि से क्यों है खास
सूर्य ग्रहण वैज्ञानिकों के लिए अध्ययन का महत्वपूर्ण अवसर होता है। इस दौरान सूर्य की बाहरी परत, उसकी किरणों और अंतरिक्ष में होने वाले बदलावों का अध्ययन किया जाता है। ग्रहण के समय मिलने वाला डेटा अंतरिक्ष मौसम, सौर गतिविधियों और पृथ्वी पर उनके प्रभाव को समझने में मदद करता है। यही वजह है कि दुनिया भर की अंतरिक्ष एजेंसियां इस घटना पर नजर बनाए रखती हैं।
भारत में क्या रहेगा असर
चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं माना जाएगा। मंदिरों और धार्मिक गतिविधियों पर इसका कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा। फिर भी कई लोग परंपराओं के अनुसार ग्रहण के समय पूजा-पाठ या ध्यान करते हैं और इसे एक विशेष खगोलीय घटना के रूप में देखते हैं।
Surya Grahan 2026: सावधानियां और सुरक्षा
जहां भी सूर्य ग्रहण दिखाई दे, उसे बिना सुरक्षा के सीधे आंखों से नहीं देखना चाहिए। विशेषज्ञ हमेशा सोलर फिल्टर या विशेष चश्मे का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। बिना सुरक्षा के सूर्य को देखने से आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। कैमरे या मोबाइल से भी सीधे सूर्य की तस्वीर लेते समय सावधानी जरूरी है।भले ही भारत में यह ग्रहण प्रत्यक्ष रूप से न दिखे, लेकिन साल का पहला सूर्य ग्रहण दुनिया भर के खगोल प्रेमियों और वैज्ञानिकों के लिए बेहद खास है। आने वाले समय में भी इस साल एक और सूर्य ग्रहण लगेगा, जिसे कुछ क्षेत्रों में अधिक स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा। आज का दिन खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वालों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है और लोग इस दुर्लभ घटना पर नजर बनाए हुए हैं।
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