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भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई मिशन अभी मीलों दूर है?

AI Impact Summit 2026

AI Impact Summit 2026: कल एआई मेले का भारत मंडपम में प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन किया। इसमें 600 भरतीय स्र्टाटप्स के साथ 13 पैवेलियन सम्मिलित हैं। ‘‘अभी एआई इंच-दर इंच आगे नहीं बढ़ रहा है, बल्कि यह छलांग मार रहा है।’’ यह कहना है युवा राहुल पाटिल का; जो एंथ्रोपिक का मुख्य तकनीकी आफिसर सीटीओ है। नये-नये माॅडल तेजी से विकसित हो रहे हैं। हर नये माॅडल नये-नये रूप में सामने आ रहे हैं। इसमें मौलिकता नये प्रयोगों से सामने आ रही हैं।

‘‘हमें आवश्यकता है नये सपनों को देखने की, जिसे हम वास्तविकता में उतार सकें। बड़े सपनों को साकार करने से हम सौ साल के आविष्कारों को कुछ ही वर्षों में संक्षिप्त कर सकते हैं। यानी सारी खोजों को जानने के लिए हमें वर्षों नहीं लगाने पड़ेंगे। ऐसा होने से विज्ञान की खोजों का आसानी से अध्ययन कर पायेंगे।’’ ‘‘हमारे विचार से हम मेडिकल रिसर्च के सुनहरे युग में प्रवेश करने जा रहे हैं। एआई के माध्यम से हम अनुसंधान और विकास के चक्र को संक्षिप्त कर सकेंगे।’’ हमारी परिकल्पनाएं प्राणि विज्ञान, रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान के अनुसंधानों को तेजी से वास्तविकता में उतार सकने की विधियां सबके सामने होंगी।’’

आज ऐसी अपेक्षाओं का अंबार एआई के माध्यम से साकार होने की ओर है। पाटिल का कहना है कि भारत विशेष रूप से तैयार है एआई युग को आगे ले जाने के लिए, क्योकि माइंड सेट और मैन पावर भारत के पास है। यह सत्य है कि आज अमेरिका एआई से विश्व को लीड करने की क्षमता में है, चीन दूसरे नंबर पर और भारत ने भारत जेन एलएलएम तेजी से बनाया है। यह 22 भाषाओं को सपोर्ट कर रहा है। एआई युग की ओर हम बढ़ तो रहे हैं, पर उसमें बजट का प्रावधान कम दिख रहा है, जबकि इस क्षेत्र में धन खर्च करने की आवश्यकता है। आरएंडडी को मजबूत करने के लिए भारत सरकार ने जीडीपी का 0.7 प्रतिशत 2024 में खर्च किया था, जबकि चीन ने 2.7 प्रतिशत और अमेरिका ने3.5 प्रतिशत खर्च किए थे। अब 2026 के बजट में तो भारत सरकार ने एआई के बजट को कम कर दिया है।

एआई मिशन के लिए 2हजार करोड़ में से एक हजार करोड़ रुपये कम कर दिया है। इस मिशन में कुल 800 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। भारत में आरएंडडी के लिए निजी इनवेस्टमेंट में भी चीन, जापान और अमेरिका से कम रखा गया है। यदि भारत को ग्लोबल स्तर पर अन्य देशों से एआई में आगे बढ़ना है, तो इसके विकास के लिए बजट भी ठीक रखना होगा, ताकि आने वाले एआई युग में भारत शीर्ष स्थान पर रहे।

Report BY: भगवती प्रसाद डोभाल

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