UP News: जिला कारागार मुरादाबाद में बंद कैदियों को शिक्षा से जोड़कर आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने की दिशा में सराहनीय पहल की जा रही है। इसी क्रम में इस वर्ष जेल में बंद 5 कैदी यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल होंगे। जेल प्रशासन ने इन परीक्षार्थियों के लिए विशेष शैक्षणिक और व्यवस्थागत इंतज़ाम किए हैं।
1 हाईस्कूल, 4 इंटरमीडिएट के परीक्षार्थी
इस साल जेल से कुल पांच बंदी बोर्ड परीक्षा देंगे। इनमें एक परीक्षार्थी हाईस्कूल और चार इंटरमीडिएट की परीक्षा में सम्मिलित होंगे। बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होकर मार्च तक चलेंगी। इन बंदियों की परीक्षाएं बरेली सेंट्रल जेल में आयोजित कराई जाएंगी। इसके लिए जेल प्रशासन ने न्यायालय और उच्च अधिकारियों से अनुमति मांगी है। सभी आवश्यक सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं।
UP News: शिक्षा से सुधार की पहल
जेल प्रशासन के अनुसार, जो बंदी पढ़ाई-लिखाई जारी रखना चाहते हैं, उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिक्षा विभाग के सहयोग से पुरुष और महिला अध्यापकों की सेवाएं ली जा रही हैं, जो नियमित रूप से कैदियों को पढ़ा रहे हैं। निरक्षर बंदियों के लिए ईच वन टीच वन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत शिक्षित बंदियों को अन्य कैदियों को पढ़ाने के लिए प्रेरित और प्रशिक्षित किया जाता है।
शिक्षा के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। जेल में कंप्यूटर शिक्षा के चार बैच चलाए जा रहे हैं, जिनमें बंदियों को डिजिटल साक्षरता दी जा रही है। इसके अलावा मोटर वाइंडिंग और अन्य व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से भी कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
सकारात्मक बदलाव की दिशा में कदम
जेल अधीक्षक आलोक सिंह के अनुसार, शिक्षा के माध्यम से बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इस पहल का उद्देश्य सज़ा पूरी करने के बाद बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
Report By: BP Upadhyay
ये भी पढ़े… मुरादाबाद में दामाद ने सास को क्यों मारी गोली? आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने किया खुलासा






