Bangladesh News: बांग्लादेश की राजनीति में मंगलवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला। ढाका स्थित संसद भवन के साउथ प्लाजा में आयोजित भव्य समारोह में तारिक रहमान ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही 25 सदस्यों के नए मंत्रिमंडल ने भी शपथ ग्रहण किया।तारिक रहमान, जो बांग्लादेश नेशनल पार्टी (BNP) के अध्यक्ष हैं और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं, अब देश के 11वें प्रधानमंत्री बन गए हैं। आम चुनावों में बड़ी जीत के बाद उन्होंने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद युनूस की जगह सरकार की कमान संभाली है।
ढाका में हुआ भव्य शपथ ग्रहण समारोह
शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार शाम करीब 4 बजे ढाका के संसद भवन परिसर में आयोजित किया गया। समारोह में देश-विदेश के कई प्रमुख अतिथि शामिल हुए। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने प्रधानमंत्री के साथ सभी मंत्रियों को शपथ दिलाई।
इस कार्यक्रम में बांग्लादेश की नई सरकार की रूपरेखा भी सामने आई, जिसमें कई अनुभवी और नए चेहरों को शामिल किया गया है। सरकार ने इसे “नए दौर की शुरुआत” बताया है।
Bangladesh News: मंत्रिमंडल में शामिल प्रमुख नाम
नई सरकार के 25 सदस्यीय मंत्रिमंडल में कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। डॉ. खलीलुर रहमान को विदेश मंत्री बनाया गया है।सलाहुद्दीन अहमद ने गृहमंत्री के रूप में शपथ ली।डॉ. अमीर खसरू महमूद को वित्त और योजना मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है।शमा ओबैद को विदेश राज्य मंत्री नियुक्त किया गया है।मंत्रिमंडल में एक हिंदू चेहरे को भी शामिल किया गया है, जिसे अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार ने कहा है कि सभी समुदायों को साथ लेकर चलना उसकी प्राथमिकता होगी।
Bangladesh News: अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की मौजूदगी
शपथ ग्रहण समारोह में कई देशों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था। भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और विदेश सचिव विक्रम मिस्री समारोह में शामिल होने ढाका पहुंचे। उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।इसके अलावा मलेशिया के प्रधानमंत्री, पाकिस्तान, मालदीव, तुर्की और श्रीलंका के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। चीन, सऊदी अरब, यूएई और ब्रुनेई को भी समारोह का निमंत्रण भेजा गया था।
नई सरकार से क्या उम्मीदें
तारिक रहमान के नेतृत्व में बनी नई सरकार से बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिरता, आर्थिक सुधार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है। चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद अब सरकार के सामने विकास, रोजगार और सामाजिक संतुलन बनाए रखने जैसी बड़ी चुनौतियाँ हैं।नई सरकार ने संकेत दिया है कि वह क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और सभी समुदायों को साथ लेकर आगे बढ़ने पर ध्यान है।
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