Bangla News: दक्षिण 24 परगना जिले में तटीय सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उस समय खड़े हो गए, जब भारतीय तटरक्षक बल ने अंतरराष्ट्रीय जलसीमा उल्लंघन के आरोप में एक बांग्लादेशी ट्रॉलर समेत 28 मछुआरों को हिरासत में लिया। कार्रवाई के दौरान एक बांग्लादेशी मछुआरे के पास से भारतीय आधार कार्ड बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां जांच में जुट गई हैं।
संदिग्ध ट्रॉलर पर तटरक्षक बल की कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, रविवार रात भारतीय जलसीमा के भीतर संदिग्ध रूप से घूमते हुए ‘एफबी सागर’ नामक एक बांग्लादेशी ट्रॉलर को तटरक्षक बल की गश्ती टीम ने रोका। तलाशी के दौरान ट्रॉलर में सवार 28 मछुआरों को हिरासत में लिया गया। जांच के दौरान रबींद्र दास नामक एक मछुआरे के पास से भारतीय आधार कार्ड बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रबींद्र दास मूल रूप से बांग्लादेश का नागरिक है।
Bangla News: आधार कार्ड मिलने से बढ़ी चिंता
जानकारी के मुताबिक, रबींद्र दास कुछ वर्ष पहले काकद्वीप के अक्षयनगर इलाके में रह चुका था। उसके रिश्तेदारों का दावा है कि धार्मिक उत्पीड़न के कारण वह परिवार सहित भारत में बसना चाहता था और उसी दौरान उसका आधार कार्ड बनवाया गया। हालांकि वह 2019 और 2023 में वैध वीज़ा पर भारत आया था, लेकिन इस बार अवैध रूप से प्रवेश की कोशिश का संदेह है।
न्यायिक हिरासत और गहन जांच
सोमवार को सभी 28 मछुआरों को फ्रेज़रगंज कोस्टल थाना के हवाले किया गया और बाद में काकद्वीप महकुमा अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। काकद्वीप फिशरमैन वेलफेयर एसोसिएशन ने घटना पर चिंता जताते हुए तटीय सुरक्षा और सतर्कता बढ़ाने की मांग की है। फिलहाल एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं इसके पीछे किसी बड़े घुसपैठ नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है।
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