Galgotias University: राजधानी में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान रोबोटिक डॉग को लेकर उठे विवाद ने तूल पकड़ लिया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पूरे घटनाक्रम के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी को समिट के एक्सपो स्थल को तत्काल खाली करने का निर्देश दिया गया है। यह कार्यक्रम भारत मंडपम में कड़ी निगरानी के बीच आयोजित हो रहा है।
क्या है पूरा मामला?
समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने ‘ओरियन’ नाम से एक रोबोटिक डॉग प्रदर्शित किया था। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि यह डिवाइस वास्तव में चीन की रोबोटिक्स कंपनी Unitree Robotics का ‘Go2’ मॉडल है। यह एआई आधारित रोबोटिक डॉग चीनी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर करीब 2 से 3 लाख रुपये की कीमत में उपलब्ध बताया जाता है।
आरोप यह लगाए गए कि आयातित तकनीक को स्वदेशी इनोवेशन के रूप में पेश किया गया। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली और कई यूजर्स ने संस्थान पर डिवाइस की वास्तविक उत्पत्ति स्पष्ट न करने का आरोप लगाया।
Galgotias University: यूनिवर्सिटी की सफाई
विवाद बढ़ने के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि उसने इस रोबोटिक डॉग को स्वयं विकसित करने का कोई दावा नहीं किया है। यूनिवर्सिटी के अनुसार, यह डिवाइस शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए Unitree से खरीदी गई है, ताकि छात्रों को अत्याधुनिक वैश्विक तकनीकों से परिचित कराया जा सके। संस्थान ने यह भी कहा कि उसका दीर्घकालिक लक्ष्य स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करना है और कैंपस में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय तकनीकों को प्रदर्शन के लिए लाया जाता है।
सरकार की सख्ती
हालांकि, सरकारी सूत्रों ने संकेत दिया है कि विवाद को गंभीरता से लेते हुए यूनिवर्सिटी को एआई समिट के एक्सपो क्षेत्र से हटने का निर्देश दिया गया है। समिट में नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं, ऐसे में पारदर्शिता और प्रस्तुति को लेकर सख्त मानक अपनाए जा रहे हैं। फिलहाल, यह मामला टेक्नोलॉजी प्रदर्शन में पारदर्शिता और ‘मेक इन इंडिया’ दावों की विश्वसनीयता को लेकर नई बहस छेड़ रहा है।
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