UP Board Exam 2026: उत्तर प्रदेश बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होते ही श्रावस्ती जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इस बार परीक्षा को नकल-मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पांडे ने स्पष्ट कहा है कि परीक्षा ड्यूटी में लापरवाही या अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें जेल तक भेजा जा सकता है।जिले में बनाए गए 41 परीक्षा केंद्रों पर हजारों परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। प्रशासन का मानना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हर स्तर पर अनुशासन जरूरी है। इसलिए सभी ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों और कर्मचारियों को समय पर उपस्थित रहने और जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए गए हैं।
ड्यूटी से गायब रहे तो सख्त कार्रवाई, जिम्मेदारी से समझौता नहीं
जिलाधिकारी ने साफ कर दिया है कि परीक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई शिक्षक बिना सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा के दौरान हर कर्मचारी की भूमिका बेहद अहम है और इसमें लापरवाही छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ के समान है।
UP Board Exam 2026: नकल रोकने के लिए मास्टर प्लान, केंद्रों की कड़ी निगरानी
नकल पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने विस्तृत रणनीति तैयार की है। परीक्षा केंद्रों और स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो नियमित जांच करेंगी। जरूरत पड़ने पर रात में भी छापेमारी की जाएगी ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके।इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के आसपास एक किलोमीटर के दायरे में फोटो कॉपी और प्रिंटिंग की दुकानों को बंद रखने का निर्देश दिया गया है, जिससे प्रश्नपत्र से जुड़ी किसी भी अनियमितता की आशंका कम की जा सके।
UP Board Exam 2026: जिले में धारा 144 लागू, भीड़ जुटाने पर होगी कार्रवाई
परीक्षा अवधि के दौरान श्रावस्ती जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है। इसका उद्देश्य परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ और अनावश्यक गतिविधियों को रोकना है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाएगी।इन सख्त कदमों के बाद परीक्षा केंद्र संचालकों और नकल से जुड़े तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन का कहना है कि इस बार किसी भी तरह की अनियमितता को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
18 फरवरी से 12 मार्च तक चलेंगी परीक्षाएं, लाखों छात्र शामिल
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 तक आयोजित होंगी। पूरे प्रदेश में 52 लाख से अधिक छात्र इन परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं। बोर्ड और जिला प्रशासन का दावा है कि इस बार परीक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत और पारदर्शी बनाया गया है।प्रशासन का कहना है कि सख्त इंतजामों का उद्देश्य केवल अनुशासन बनाए रखना नहीं, बल्कि छात्रों को शांत और निष्पक्ष माहौल में परीक्षा देने का भरोसा देना भी है। इसलिए इस बार निगरानी, सुरक्षा और जिम्मेदारी तीनों स्तरों पर खास फोकस रखा गया है, ताकि परीक्षा बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
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