UP News: उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य पर नजर डालते हैं, तो हमें एक ऐसा राज्य दिखाई देता है जो ‘बीमारू’ होने के कलंक को धोकर भारत की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘सेवा, सुरक्षा और सुशासन’ के 9 वर्षों ने प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। इसी विकास की धारा को लखीमपुर की जमीनी हकीकत बनाने का श्रेय सदर विधायक योगेश वर्मा को जाता है। योगी सरकार की राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों और लखीमपुर सदर विधानसभा में विधायक योगेश वर्मा द्वारा कराए गए विकास कार्यों का एक व्यापक विश्लेषण है।
योगी सरकार की राष्ट्रीय उपलब्धियां (2017-2026)
1. आर्थिक क्रांति: 1 ट्रिलियन डॉलर का रोडमैप
योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश को ‘अनलिमिटेड पोटेंशियल’ (असीम संभावनाओं) वाला प्रदेश बना दिया है।
* अर्थव्यवस्था में उछाल: 2017 में यूपी छठे स्थान पर था, जो आज ₹36 लाख करोड़ से अधिक की GSDP के साथ देश का ‘ग्रोथ इंजन’ है।
* निवेश का महाकुंभ: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए अब तक ₹40 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे हैं, जिससे 3 करोड़ से अधिक युवाओं को MSME और औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार मिला है।
* बजट 2026: सरकार ने इस वर्ष ₹9.12 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश किया है, जो सीधे तौर पर गांव, गरीब और किसान को समर्पित है।
2. सुरक्षा और नारी शक्ति: ‘पिंक रिवोल्यूशन’
* अपराध मुक्त प्रदेश: ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत माफियाओं की ₹5000 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की गई।
* मिशन शक्ति: पुलिस भर्ती में महिलाओं की हिस्सेदारी 35% तक पहुँची है। 2 लाख से अधिक पुलिस भर्तियां पारदर्शी तरीके से की गईं।
* पेंशन में वृद्धि: 2026 के बजट में निराश्रित महिलाओं और बुजुर्गों की पेंशन को बढ़ाकर ₹1500 प्रति माह करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।
3. इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी
* एक्सप्रेसवे प्रदेश: यूपी में आज 13 एक्सप्रेसवे हैं। गंगा एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड सोलर एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स ने आवाजाही को सुगम बनाया है।
* उड्डयन: 2017 में मात्र 2 सक्रिय एयरपोर्ट थे, आज 16 सक्रिय एयरपोर्ट और 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स के साथ यूपी देश में अग्रणी है।
UP News: विधायक योगेश वर्मा का रिपोर्ट कार्ड
सदर विधायक योगेश वर्मा ने लखीमपुर के बुनियादी ढांचे में जो बदलाव किए हैं, वह पिछले कई दशकों में नहीं देखे गए।

1. चिकित्सा के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार
लखीमपुर खीरी जैसे तराई क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव हमेशा से रहा था। विधायक योगेश वर्मा ने इसे अपनी प्राथमिकता बनाया:
* मेडिकल कॉलेज की सौगात: उनके प्रयासों से सदर में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय का संचालन शुरू हुआ। आज यहाँ अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर और ऑक्सीजन प्लांट की सुविधा उपलब्ध है।
* निःशुल्क डायलिसिस: सदर अस्पताल में अब गरीबों को निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा मिल रही है, जिसके लिए पहले लखनऊ भागना पड़ता था।
2. सड़कों का कायाकल्प और ‘रियलिटी चेक’
विधायक योगेश वर्मा अपनी कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने न केवल सड़कों को मंजूर कराया, बल्कि गुणवत्ता को लेकर भी सख्त रहे।
* ग्रामीण और शहरी सड़कें: विधायक निधि और राज्य सड़क निधि से सदर की लगभग सभी प्रमुख जर्जर सड़कों का हॉट-मिक्स सुदृढ़ीकरण कराया गया।
* भ्रष्टाचार पर प्रहार: हाल ही में उनका एक वीडियो वायरल हुआ था जहाँ उन्होंने स्वयं सड़क की गुणवत्ता जाँची और खराब काम मिलने पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। यह उनकी कार्यशैली का प्रमाण है कि विकास केवल कागजों पर नहीं, धरातल पर मजबूत होना चाहिए।
3. शिक्षा और युवाओं के लिए अवसर
* कायाकल्प अभियान: सदर के 200 से अधिक सरकारी स्कूलों को ‘स्मार्ट स्कूल’ के रूप में विकसित किया गया।
* डिग्री कॉलेज: सदर क्षेत्र में नई शिक्षा नीति के तहत राजकीय महाविद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार कराया गया ताकि ग्रामीण बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए शहर न भटकना पड़े।
4. कृषि और सिंचाई: किसानों का सम्मान
* गन्ना भुगतान: लखीमपुर ‘चीनी का कटोरा’ है। विधायक ने शासन स्तर पर पैरवी कर गन्ना किसानों के रिकॉर्ड भुगतान (प्रदेश भर में ₹2.80 लाख करोड़ से अधिक) में सदर के किसानों का हित सुरक्षित किया।
* नहरों की सफाई: टेल तक पानी पहुँचाने के लिए उन्होंने शारदा नहर प्रणाली की सफाई की स्वयं मॉनिटरिंग की।
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने अपनी ‘बीमारू’ पहचान को इतिहास बना दिया है। वहीं, सदर विधायक योगेश वर्मा ने अपनी सक्रियता, ईमानदारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ते हुए लखीमपुर सदर को विकास की मुख्यधारा में ला खड़ा किया है। मेडिकल कॉलेज से लेकर गाँव की पक्की सड़क तक, हर प्रोजेक्ट उनकी मेहनत की कहानी कहता है। “विकसित भारत” के संकल्प को पूरा करने में “विकसित सदर” अपनी अहम भूमिका निभा रहा है।
Report BY: संजय कुमार राठौर
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