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खीरी पुलिस का ‘डिजिटल चक्रव्यूह’! अपराधियों की हर हरकत पर ‘यक्ष ऐप’ की नजर, SP ख्याति गर्ग ने बीट पुलिसिंग को किया हाईटेक

SP ख्याति गर्ग

UP News: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने अब एक ‘डिजिटल युद्ध’ छेड़ दिया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के नेतृत्व में खीरी पुलिस ने ‘यक्ष ऐप’ (Yaksha App) के माध्यम से जिले की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से आधुनिक और डेटा-आधारित बनाने में बड़ी सफलता हासिल की है। अब जिले का कोई भी अपराधी या हिस्ट्रीशीटर पुलिस की नजरों से बच नहीं पाएगा, क्योंकि उनकी हर गतिविधि अब सीधे पुलिस के सर्वर पर ‘लाइव’ अपडेट होगी।

हाईटेक हुई बीट पुलिसिंग

एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने जनपद में बीट स्तर की पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए ‘यक्ष ऐप’ के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया है। इस डिजिटल अनुप्रयोग के माध्यम से अब बीट स्तर की सूचनाएं, क्षेत्रीय गतिविधियां और अपराधियों का सत्यापन ऑनलाइन संकलित किया जा रहा है। इस मुहिम के तहत खीरी पुलिस ने अपने बेड़े को पूरी तरह प्रशिक्षित कर दिया है। अब तक जनपद के 27 निरीक्षक, 237 उप-निरीक्षक, 33 कंप्यूटर ऑपरेटर और 1194 मुख्य आरक्षी/आरक्षी सहित डीसीआरबी प्रभारी को इस ऐप के बारीकी से संचालन हेतु प्रशिक्षित किया जा चुका है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तकनीक का लाभ उठाते हुए जनपद के सभी 4540 गांवों और मोहल्लों की शत-प्रतिशत ऑनलाइन जियो टैगिंग (Geo-Tagging) की कार्यवाही पूरी कर ली गई है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसी भी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस को संबंधित लोकेशन और वहां के भौगोलिक इतिहास की जानकारी तुरंत मिल जाएगी। यक्ष ऐप के माध्यम से अब अपराधियों के पूरे ‘नेटवर्क’ को ध्वस्त करने की तैयारी है। जनपद के सभी थानों में पंजीकृत गैंगों और उनके लीडरों समेत सभी सदस्यों की शत-प्रतिशत फीडिंग ऐप में कर दी गई है।

* सतत निगरानी: हिस्ट्रीशीटरों के लीडर और उनके गुर्गों पर अब 24 घंटे डिजिटल नजर रखी जा रही है।
* अपराधी सत्यापन: एसपी महोदया ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी बीट कर्मी अपने-अपने क्षेत्रों में अपराधियों का भौतिक सत्यापन करें और उसकी रिपोर्ट ऐप पर समयबद्ध रूप से अपडेट करें।

UP News: पर्यवेक्षण अधिकारियों को मिला ‘एक्सेस’

डॉ. ख्याति गर्ग ने व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए पर्यवेक्षण अधिकारियों को ऐप का एक्सेस देने के निर्देश दिए हैं। अब उच्चाधिकारी अपने कार्यालय में बैठकर ही यह देख सकेंगे कि किस बीट में किस अपराधी का सत्यापन हुआ है और वहां की सुरक्षा स्थिति क्या है। ऐप के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं का नियमित विश्लेषण किया जाएगा, जिससे ‘प्रेडिक्टिव पुलिसिंग’ को बढ़ावा मिलेगा। एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने बताया कि यक्ष ऐप का मुख्य उद्देश्य केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि जनता के साथ पुलिस के संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाना भी है। बीट कर्मी जब सत्यापन के लिए गांवों में जाएंगे, तो वे स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर सुरक्षा का वातावरण तैयार करेंगे।

एसपी ने संदेश देते हुए कहा कि यक्ष ऐप पुलिस विभाग के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा। सूचनाओं का सही और समयबद्ध संकलन ही अपराध नियंत्रण की कुंजी है। हम तकनीक का उपयोग कर खीरी को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वहीं आपको बता दें कि इस डिजिटल पहल से लखीमपुर खीरी पुलिस अब प्रदेश के अन्य जनपदों के लिए ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ का एक बड़ा उदाहरण पेश कर रही है। अब यह साफ है कि अगर अपराधी ने अपनी हरकत नहीं बदली, तो ‘यक्ष ऐप’ का डिजिटल शिकंजा उसे जेल की सलाखों के पीछे पहुँचाने में देर नहीं लगाएगा।

Report By: संजय कुमार 

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