Cm yogi: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के दृढ़ नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विरासत एवं विकास का सामंजस्य एक नई ऊँचाई पर पहुँचा है। अयोध्या को न केवल एक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में बल्कि आर्थिक प्रगति और रोजगार के नए आयाम खोलने वाले केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार ने समग्र योजनाएँ और निवेश रणनीतियाँ लागू की हैं। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या ने पर्यटन, व्यापार, रोजगार और राजस्व के सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व उन्नति देखी है। IIM लखनऊ के अध्ययन के अनुसार, मंदिर के उद्घाटन के पहले जहाँ यह शहर सीमित पर्यटन तक सिमटा हुआ था, वहीं अब यह अंतरराष्ट्रीय स्तर तक आकर्षक आध्यात्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है।
Cm yogi: सरकार के आंकड़ों और विशेषज्ञ विश्लेषण से पता चलता है:
पर्यटक आगमन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जिसमें 2025 के पहले छ: महीनों में करोड़ों श्रद्धालु अयोध्या आए हैं। होटल, सेवा, खुदरा व्यापार और स्थानीय व्यवसायों को तगड़ा लाभ मिला है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। राजस्व में वृद्धि के साथ ही राज्य की जीडीपी में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी भी बढ़ रही है, और वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा मिल रहा है। भव्य पर्यटन लक्ष्य के तहत अयोध्या अकेले ही आने वाले वर्षों में बड़ी आर्थिक भागीदारी करेगा और यूपी की $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था की दिशा को मजबूती देगा।
अयोध्या का ‘राष्ट्र मंदिर’:
Cm yogi: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की सरकार ने न केवल मंदिर निर्माण को सफलतापूर्वक संपन्न किया है, बल्कि उसके बाद पर्यटन आधारभूत संरचना, युवा रोजगार, स्थानीय उद्यमिता और निवेश वृद्धि के लिए रणनीतिक निवेश किए हैं। बजट आवंटन में भी अयोध्या और अन्य धार्मिक स्थलों के लिए विशेष संसाधन दिए जा रहे हैं, जिसका सकारात्मक असर पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है। यह स्पष्ट है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं रहा, बल्कि यह भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण और उत्तर प्रदेश में आत्म‑निर्भर, समृद्ध विकास की प्रक्रिया का केंद्र बन गया है, एक ऐसा ‘राष्ट्र मंदिर’ जो आत्मिक चेतना और आर्थिक प्रगति दोनों को एक साथ आगे बढ़ा रहा है।
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