Up news: लखनऊ में बुधवार शाम एक अहम राजनीतिक मुलाकात हुई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद निरालानगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत से हुई। सरस्वती कुंज में दोनों नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक बातचीत चली। संघ प्रमुख इन दिनों उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। गोरखपुर के बाद वह मंगलवार को लखनऊ पहुंचे। दो दिवसीय प्रवास के दौरान उन्होंने संगठन विस्तार और सामाजिक समरसता पर खास जोर दिया। उन्होंने University of Lucknow और Indira Gandhi Pratishthan में आयोजित कार्यक्रमों को भी संबोधित किया।
मुस्लिम और हिंदू पहचान पर क्या बोले भागवत?
लखनऊ में अपने संबोधन के दौरान मोहन भागवत ने कहा कि भारत में रहने वाले मुस्लिम भी इसी भूमि के हैं। उन्होंने कहा, “वे किसी अरब देश से नहीं आए हैं।” उन्होंने ‘घर वापसी’ के काम को तेज करने की बात कही और कहा कि जो लोग हिंदू धर्म में लौटें, उनकी जिम्मेदारी भी समाज को उठानी चाहिए। भागवत ने यह भी कहा कि मंदिर, कुआं और श्मशान सभी हिंदुओं के लिए बिना भेदभाव के खुले होने चाहिए। समाज में किसी भी प्रकार का छुआछूत या भेदभाव नहीं होना चाहिए।
Up news: जनसंख्या दर पर दिया बड़ा बयान
संघ प्रमुख ने हिंदुओं की घटती जनसंख्या दर पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि औसतन कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए। उनके मुताबिक, जिस समाज में तीन से कम बच्चे होते हैं, वह समाज भविष्य में कमजोर हो सकता है। उन्होंने नवविवाहित दंपतियों से तीन बच्चे पैदा करने की अपील की।
Up news: पहले भी कई बार हो चुकी है मुलाकात
यह पहली बार नहीं है जब मोहन भागवत और योगी आदित्यनाथ की मुलाकात हुई हो। इससे पहले 25 नवंबर 2025 को अयोध्या में राम मंदिर में आयोजित धर्म ध्वजा कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई थी। 25 नवंबर 2025, अयोध्या (साकेत निलयम) – लगभग 90 मिनट की बैठक, जिसमें राजनीतिक हालात और आगामी चुनावों पर चर्चा हुई। 16 जून 2024, गोरखपुर – लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद दो मुलाकातें हुईं। 20 अक्टूबर 2022, प्रयागराज – जनसंख्या नियंत्रण और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा, साथ ही दीपोत्सव का निमंत्रण।
‘RSS भाजपा का रिमोट कंट्रोल नहीं’
मोहन भागवत ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भाजपा का “रिमोट कंट्रोल” नहीं है। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक राजनीति में जाते हैं और आगे बढ़ते हैं, लेकिन यह कहना गलत है कि संघ भाजपा को चलाता है।
अमेरिकी टैरिफ और मंदिरों पर सरकार का नियंत्रण
Up news: अमेरिकी टैरिफ के मुद्दे पर भागवत ने कहा कि यह अमेरिका की पुरानी नीति है कि वह आर्थिक और सैन्य ताकत से दबाव बनाता है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि भारत इतना मजबूत है कि किसी दबाव में नहीं झुकेगा। मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर धर्माचार्यों और समाज को मिलकर विचार करना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सिख समाज अपने गुरुद्वारों का संचालन अच्छी तरह करता है, उसी तरह हिंदू समाज को भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक मुद्दे दोनों ही राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में हैं। ऐसे में संघ प्रमुख और मुख्यमंत्री की बैठक को अहम माना जा रहा है।
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