Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश की राजनीति में लखीमपुर खीरी की मोहम्मदी विधानसभा (144) हमेशा से एक महत्वपूर्ण केंद्र रही है। वर्तमान में यहाँ के भाजपा विधायक और दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री लोकेंद्र प्रताप सिंह ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि समय की पाबंदी जन-आकांक्षाओं के आड़े नहीं आ सकती। उत्तर प्रदेश विधानसभा के चालू सत्र के दौरान, जहाँ समय का अभाव अक्सर जनप्रतिनिधियों के लिए चुनौती बनता है, वहाँ लोकेंद्र प्रताप सिंह ने न केवल मुखर होकर अपनी बात रखी, बल्कि मोहम्मदी के विकास का ‘ब्लूप्रिंट’ सदन के पटल पर लिखित रूप में दर्ज करा दिया। सदन में उन्हें बोलने के लिए मात्र 5 मिनट का समय मिला, लेकिन उन चंद मिनटों में उन्होंने मोहम्मदी की आत्मा और उसकी मूलभूत समस्याओं को सरकार के सामने रख दिया। जो विषय समय की कमी के कारण छूट गए, उन्हें उन्होंने मा. सभापति जी के निर्देश पर लिखित रूप में पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया, ताकि मोहम्मदी की एक भी मांग अधूरी न रहे।
1. मोहम्मदी को जिला बनाने की ऐतिहासिक मांग
विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी मांगों में सबसे ऊपर मोहम्मदी को पृथक जिला बनाने के विषय को रखा। भौगोलिक दृष्टि से मोहम्मदी एक विशाल क्षेत्र है और जिला मुख्यालय (लखीमपुर) से इसकी दूरी आम जनता के लिए प्रशासनिक कार्यों में बड़ी बाधा बनती है। मोहम्मदी को जिला बनाना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि यहाँ के लाखों लोगों के स्वाभिमान और सुगम न्याय का प्रतीक है। विधायक के इस प्रस्ताव ने तराई की राजनीति में एक नई चर्चा छेड़ दी है।
2. गोमती नदी का पुनरुद्धार और भूमि कब्जा मुक्ति
लोकेंद्र प्रताप सिंह ने सदन का ध्यान गोमती नदी की स्वच्छता और उसके अस्तित्व पर दिलाया। उन्होंने मांग की है कि गोमती की सफाई कराई जाए और नदी के किनारे की सैकड़ों एकड़ भूमि, जिस पर भू-माफियाओं और अवैध कब्जेदारों का कब्जा है, उसे तत्काल मुक्त कराकर जनहित में उपयोग किया जाए। यह मुद्दा न केवल पर्यावरण से जुड़ा है, बल्कि यहाँ के किसानों की सिंचाई व्यवस्था से भी संबंधित है।
3. भूमि संबंधी जटिल समस्याओं का समाधान
विधानसभा क्षेत्र के जैती फिरोजपुर, भीमनगर और दिलावलनगर के निवासियों की भूमि संबंधी समस्याएं दशकों पुरानी हैं। विधायक ने लिखित रूप में स्पष्ट किया है कि यहाँ के लोगों को उनकी जमीन का मालिकाना हक और तकनीकी बाधाओं से मुक्ति मिलनी चाहिए। उन्होंने सरकार से इन गांवों के लिए विशेष भूमि समाधान शिविर या नीति बनाने की अपील की है।
4. स्वास्थ्य सेवा में सुधार: बरबर PHC का उच्चीकरण
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लोकेंद्र प्रताप सिंह का विजन स्पष्ट है। उन्होंने बरबर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) को उच्चीकृत (Upgrade) कर इसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) या बड़े अस्पताल के रूप में विकसित करने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने मोहम्मदी में एक आधुनिक पोस्टमार्टम हाउस के निर्माण की भी आवश्यकता जताई है, ताकि शोकाकुल परिवारों को जिला मुख्यालय की लंबी दौड़ न लगानी पड़े।
5. परिवहन और ढांचागत विकास: रोडवेज और इंटर कॉलेज
शिक्षा और कनेक्टिविटी के बिना विकास अधूरा है। लोकेंद्र प्रताप सिंह ने सदन के समक्ष दो महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं:
* सल्लिया में रोडवेज बस स्टेशन: इस क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके, इसके लिए सल्लिया में एक नया बस डिपो या स्टेशन अनिवार्य है।
* पसगवां में इंटर कॉलेज: पसगवां क्षेत्र के गरीब और मेधावी छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर न जाना पड़े, इसके लिए वहाँ एक राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना की मांग की गई है।
6. बिजली संकट का समाधान: पावर हाउसों की श्रृंखला
मोहम्मदी की कृषि और घरेलू बिजली आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए विधायक ने तकनीकी प्रस्ताव दिए हैं:
* गुलरिया/भंगेली में 33/11 केवीए पावर हाउस का निर्माण।
* बरबर और जंगबहादुरगंज में 133 केवीए के बड़े पावर हाउसों की स्थापना।
इन प्रस्तावों के स्वीकृत होने से क्षेत्र में लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या स्थाई रूप से समाप्त हो जाएगी।

7. नगर पंचायत और शहरीकरण: जंगबहादुरगंज का उदय
विधायक ने जंगबहादुरगंज को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने के लिए मजबूती से पक्ष रखा है। इसे नगर पंचायत बनाने से क्षेत्र में सफाई, लाइट और सड़क जैसी नागरिक सुविधाओं के लिए अलग से बजट मिल सकेगा, जिससे इस व्यापारिक केंद्र का तेजी से शहरीकरण होगा।
8. सेतु और सड़क निर्माण: काँकर घाट पुल और मियांपुर सड़क
क्षेत्र की लाइफलाइन कही जाने वाली सड़कों और पुलों पर विधायक का विशेष ध्यान है:
* काँकर घाट पुल: इसके निर्माण से दर्जनों गांवों की राह आसान होगी।
* मियांपुर सड़क का चौड़ीकरण: बढ़ते यातायात को देखते हुए इस सड़क को चौड़ा करना आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है।
आपको बता दें कि विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह की यह सक्रियता दर्शाती है कि एक सजग जनप्रतिनिधि समय की मर्यादाओं में बंधकर नहीं बैठता। सदन में मिला समय भले ही कम था, लेकिन उनके लिखित प्रस्ताव मोहम्मदी के विकास की ‘गीता’ बन गए हैं। मोहम्मदी की जनता को अब विश्वास है कि उनके विधायक ने सदन की दहलीज पर जो बीज बोए हैं, वे जल्द ही विकास के वृक्ष बनकर फल देंगे। वहीं लोकेंद्र प्रताप सिंह का यह प्रयास न केवल उनकी विधानसभा के लिए, बल्कि पूरे लखीमपुर खीरी जनपद के लिए गर्व का विषय है।
Report BY: संजय कुमार
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