Digital Fraud: उत्तराखंड के देहरादून में साइबर ठगों ने इस बार लोगों को फंसाने के लिए देश की वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman और गूगल के सीईओ Sundar Pichai जैसे चर्चित नामों का सहारा लिया। अलग-अलग तरीकों से तीन लोगों को झांसे में लेकर कुल 83 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली गई। पीड़ितों में एक रिटायर्ड शिक्षक, एक कंपनी निदेशक और देहरादून का एक निवासी शामिल हैं। पुलिस ने तीनों मामलों में साइबर थाने में मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुआ ‘मोटे मुनाफे’ का जाल
चमोली जिले के घाट क्षेत्र के रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक ने सोशल मीडिया पर एक निवेश विज्ञापन देखा। विज्ञापन में बड़े नेताओं और उद्योग जगत की हस्तियों की तस्वीरें लगाकर कम रकम में भारी मुनाफे का दावा किया गया था। इसके बाद उनसे संपर्क कर एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ने और डीमैट खाता खुलवाने का भरोसा दिलाया गया।सितंबर से अक्टूबर के बीच अलग-अलग माध्यमों से उनके खाते से 23 लाख रुपये से अधिक ट्रांसफर करा लिए गए। जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की तो कोई निकासी संभव नहीं हुई और तब जाकर ठगी का पता चला।
Digital Fraud: सिम बंद कराकर कंपनी खाते से उड़ाए लाखों
देहरादून की एक मिठाई कंपनी के निदेशक के साथ ठगी का तरीका अलग था। फरवरी 2026 में उनके बैंक खाते से एक ही दिन में कई ट्रांजेक्शन कर करीब 25 लाख रुपये निकाल लिए गए। उसी दौरान उनका मोबाइल नंबर भी अचानक बंद हो गया, जो कुछ दिनों बाद चालू हुआ।बाद में खाते की जांच करने पर पता चला कि रकम निकल चुकी है। आशंका है कि ठगों ने सिम स्वैप या तकनीकी हेरफेर के जरिए पहले मोबाइल नंबर निष्क्रिय कराया और फिर बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर किए।
Digital Fraud: SEBI नंबर दिखाकर निवेश सलाहकार बनने का नाटक
देहरादून के एक अन्य निवासी को सोशल मीडिया पर ट्रेडिंग से जुड़े एक ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में खुद को अधिकृत निवेश सलाहकार बताने के लिए पंजीकरण नंबर तक दिखाए गए और एक ऐप डाउनलोड कराई गई। शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए छोटी रकम निकालने का विकल्प भी दिखाया गया।इसके बाद अलग-अलग खातों में करीब 34 लाख रुपये जमा कराए गए। जब बड़ी रकम निकालने की कोशिश की गई तो अतिरिक्त ‘फीस’ मांगी गई और फिर संपर्क बंद कर दिया गया।
पुलिस की चेतावनी: बड़े नाम देखकर न करें भरोसा
तीनों मामलों में साइबर थाना देहरादून में आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले निवेश विज्ञापनों, ट्रेडिंग ऐप या व्हाट्सऐप ग्रुप पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट, पंजीकरण और प्रमाणिकता की जांच जरूर करें। पुलिस का कहना है कि साइबर ठग अक्सर बड़े नामों और त्वरित मुनाफे का लालच देकर लोगों को फंसाते हैं, इसलिए सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है।
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