Central Bureau: Central Bureau of Narcotics (सीबीएन) ने मध्य प्रदेश में नशीले पदार्थों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए इंदौर जिले की महू तहसील के थवलाय गांव में संचालित एक गुप्त सिंथेटिक ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। तीन दिनों तक चले संयुक्त ऑपरेशन में 43.820 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली मेथामफेटामाइन (एमडी), 260 किलोग्राम से अधिक पूर्ववर्ती रसायन और अत्याधुनिक मशीनरी बरामद की गई। मामले में फैक्ट्री मालिक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूरी कार्रवाई Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act के तहत की गई।
बस से 8 किलो एमडी बरामद
कार्रवाई 13 फरवरी की रात शुरू हुई, जब सीबीएन की नीमच शाखा को सूचना मिली कि मंदसौर से एक बस में बड़ी मात्रा में एमडी ले जाई जा रही है। मंदसौर पुलिस की मदद से बस रोककर तलाशी ली गई। दो यात्रियों के पास से कुल 8.172 किलोग्राम क्रिस्टल एमडी बरामद हुई। पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि ड्रग थवलाय गांव स्थित एक गुप्त फैक्ट्री से लाई गई थी।
Central Bureau: थवलाय गांव में गुप्त लैब का पर्दाफाश
सूचना के आधार पर नीमच, मंदसौर, जावरा और उज्जैन इकाइयों की संयुक्त टीम ने 14 फरवरी की सुबह थवलाय गांव में संदिग्ध मकान की पहचान की। अंदर तेज रासायनिक गंध और धुएं के कारण पीपीई किट से लैस विशेष टीम को बुलाया गया। तकनीकी सहायता के लिए नीमच स्थित सरकारी अफीम एवं क्षार कार्यालय की इंजीनियर-रसायनज्ञ टीम ने मशीनरी को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय किया।
बड़े नेटवर्क की जांच जारी
फैक्ट्री से भारी मात्रा में तैयार ड्रग, रसायन और उपकरण जब्त किए गए। मंदसौर से पकड़े गए दोनों आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है, जबकि मकान मालिक को भी हिरासत में लिया गया है। सीबीएन के अनुसार, यह राज्य में सिंथेटिक ड्रग लैब का अब तक का सबसे बड़ा भंडाफोड़ है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।






