Sushil Kumar: नई दिल्ली: पहलवान सागर धनखड़ मर्डर केस में आरोपी ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार ने जमानत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले में 20 फरवरी को हाई कोर्ट में सुनवाई होगी। इससे पहले 6 फरवरी को रोहिणी कोर्ट ने सुशील कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने का फैसला किया।
मई 2021 से जेल में बंद हैं सुशील कुमार
सुशील कुमार मई 2021 से जेल में हैं और उन पर पहलवान सागर धनखड़ की हत्या का आरोप है। आरोपों के अनुसार, सागर पर किसी भारी वस्तु से हमला किया गया था, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस घटना में सागर के दो दोस्त भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। मामले की जांच के बाद पुलिस ने सुशील कुमार को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया था।
Sushil Kumar: गंभीर धाराओं में तय हो चुके हैं आरोप
अक्टूबर 2022 में अदालत ने भारतीय दंड संहिता की हत्या, आपराधिक साजिश, धमकी और घातक हथियार से हमला करने जैसी गंभीर धाराओं में सुशील कुमार के खिलाफ आरोप तय किए थे। कोर्ट के अनुसार, सागर धनखड़ को अगवा कर स्टेडियम लाया गया, जहां उन पर बेसबॉल बैट समेत कई धारदार हथियारों से हमला किया गया। सुशील कुमार लंबे समय से जमानत की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक हर बार उनकी याचिका खारिज होती रही है। वर्ष 2023 में उन्हें घुटने की सर्जरी के लिए एक सप्ताह की अंतरिम जमानत मिली थी।
ओलंपिक पदक विजेता से आरोपी तक का सफर
सुशील कुमार भारत के सबसे सफल पहलवानों में शामिल रहे हैं। उन्होंने 2008 बीजिंग ओलंपिक में कांस्य और 2012 लंदन ओलंपिक में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा था। वह भारत के पहले खिलाड़ी थे, जिन्होंने ओलंपिक में लगातार दो पदक जीते। अब सभी की नजरें 20 फरवरी को होने वाली हाई कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं।






