Pakistan US Diplomacy: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने वाशिंगटन में आयोजित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली बैठक में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की खुले तौर पर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ट्रंप की पहल की वजह से भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध टल गया। इसी यात्रा के दौरान शरीफ ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी मुलाकात की।

ट्रंप की मध्यस्थता से संकट टला
शरीफ ने बहुपक्षीय बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि ट्रंप की मध्यस्थता से “करोड़ों लोगों की जान जाने का खतरा टल गया।” उन्होंने ट्रंप को “शांति का सच्चा दूत” बताया और कहा कि दक्षिण एशिया में तनाव कम करने में अमेरिका की भूमिका अहम रही है। शरीफ ने ट्रंप की सक्रिय कूटनीति की तारीफ की और बताया कि उनकी कोशिशों से दुनिया के कई संवेदनशील इलाकों में शांति बनी।
Pakistan US Diplomacy: शरीफ ने गाजा शांति का समर्थन किया
इसके अलावा, शरीफ ने बैठक में पेश किए गए गाजा शांति प्रस्ताव का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन के लोग लंबे समय से अवैध कब्जे और कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। शरीफ ने स्वतंत्र, संप्रभु और एकजुट फिलिस्तीनी राज्य के निर्माण का समर्थन किया और कहा कि यह उनके आत्मनिर्णय के अधिकार को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने ट्रंप की शांति कोशिशों को इतिहास में दर्ज होने योग्य बताया।
गाजा शांति और आतंकवाद पर चर्चा
अलग से हुई मुलाकात में, रुबियो ने शरीफ का धन्यवाद किया और गाजा के लिए ट्रंप की शांति योजना का समर्थन करने और ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के संस्थापक सदस्य के रूप में भाग लेने पर आभार व्यक्त किया। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, रुबियो ने बलूचिस्तान में 31 जनवरी और इस्लामाबाद में 6 फरवरी को हुए बम हमलों पर संवेदना जताई। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका-पाकिस्तान सहयोग जारी रखने पर जोर दिया।
Pakistan US Diplomacy: वाशिंगटन में निवेश और सहयोग चर्चा
इसके अलावा, दोनों नेताओं ने हाल ही में वाशिंगटन में हुई क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल मीटिंग में पाकिस्तान के भाग लेने पर चर्चा की। उन्होंने जरूरी मिनरल और एनर्जी सेक्टर में सहयोग के साथ-साथ अमेरिकी कंपनियों के लिए व्यावसायिक निवेश के अवसरों का भी जायजा लिया।हालांकि शरीफ ने रुबियो से मुलाकात की, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप के साथ कोई अलग द्विपक्षीय बैठक तय नहीं की गई।
ट्रंप ने पहले बताया कि भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान उन्होंने दोनों देशों को चेतावनी दी थी कि अगर आपसी विवाद नहीं सुलझाया गया तो अमेरिका व्यापार समझौते पर रोक लगा देगा। उन्होंने कहा कि अगर टकराव जारी रहता, तो दोनों देशों पर 200% तक शुल्क लगाया जा सकता था।
भारत-पाक तनाव और परमाणु जोखिम
ट्रंप ने कहा, “ये दोनों बहुत शक्तिशाली और परमाणु हथियारों से लैस देश हैं। मैं नहीं कहना चाहता कि क्या हो सकता था, लेकिन स्थिति खतरनाक हो सकती थी।” उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और उन्हें “एक महान व्यक्ति” बताया।
भारत और पाकिस्तान 1947 से कई बार युद्ध कर चुके हैं और कश्मीर मुद्दे पर मतभेद हमेशा बने रहे हैं। हाल के वर्षों में संघर्षविराम काफी हद तक बना हुआ है, लेकिन दोनों देशों के बीच समय-समय पर तनाव बढ़ता रहता है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर रहती है।






