UP News: रायबरेली जिले के हरचंदपुर थाना क्षेत्र के रघुवीरगंज बाजार निवासी एक कुम्हार परिवार उस समय सदमे में आ गया, जब उन्हें 1 करोड़ 25 हजार 297 रुपये का वस्तु एवं सेवा कर (GST) नोटिस डाक के माध्यम से प्राप्त हुआ। यह नोटिस केंद्रीय माल एवं सेवा कर व केंद्रीय उत्पाद शुल्क, वैशाली प्रभा मंडल हाजीपुर की ओर से जारी किया गया है।
रोजाना की मेहनत से घर चलाते है शहीद
नोटिस पाने वाले मोहम्मद शहीद पेशे से कुम्हार हैं और पुश्तैनी तौर पर कुल्हड़, सुराही, घड़ा, मिट्टी के बर्तन व खिलौने बनाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनके परिवार में पत्नी साजिदा और तीन बच्चे हैं। शहीद का कहना है कि वह एक छोटे कारीगर हैं और रोजाना की मेहनत से घर चलाते हैं। ऐसे में करोड़ों रुपये के टैक्स का नोटिस उनके लिए समझ से परे है।

मोहम्मद शहीद ने बताया कि वह पढ़े-लिखे नहीं हैं, जिससे नोटिस की भाषा और कानूनी प्रक्रिया को समझना उनके लिए और भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने खुद को साजिश और धोखाधड़ी का शिकार बताते हुए कहा कि उनके पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल कर फर्जी फर्म बनाई गई हो सकती है। उन्होंने किसी भी प्रकार की साझेदारी या बड़े स्तर के व्यापार में शामिल होने से साफ इनकार किया है।
UP News: आधार-पैन खोने की बात, फ्रॉड की आशंका
पीड़ित के मुताबिक, करीब आठ साल पहले उनका आधार कार्ड और पैन कार्ड खो गया था। पांच साल पहले उन्होंने नए दस्तावेज बनवाए थे। उनका आरोप है कि पुराने दस्तावेजों का दुरुपयोग कर किसी ने उनके नाम से फर्जी कारोबार खड़ा कर लिया। उन्होंने कहा कि हम मिट्टी के बर्तन बनाकर परिवार पाल रहे हैं। अगर यह नोटिस वापस नहीं ली गई तो हम परिवार समेत जहर खा लेंगे।
कई सवाल खड़े करता ये मामला?
क्या बिना सत्यापन के किसी छोटे कारीगर के नाम पर फर्म रजिस्टर हो सकती है?
क्या जीएसटी विभाग ने नोटिस जारी करने से पहले स्थानीय स्तर पर जांच की?
क्या दस्तावेजों के दुरुपयोग से जुड़े मामलों की निगरानी पर्याप्त है?
यदि यह धोखाधड़ी है, तो जिम्मेदार कौन और कार्रवाई कब?
फिलहाल, परिवार दहशत में है और प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठा है। अब देखना होगा कि जांच के बाद सच्चाई क्या सामने आती है।
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